राजनेता…टेंपो ड्राइवर….पेंटर…हमाल…और गैराज में हेल्पर
ये प्रोफाइल है बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड के आरोपियों की।
भास्कर ने अब तक सामने आए आरोपियों की प्रोफाइल खंगाली। सामने आया कि बिजयनगर में स्कूल गर्ल्स को फंसाने वाले धर्मांतरण गैंग की मुख्य कड़ी एक पूर्व पार्षद है। उसने मजहब का सहारा लेकर वेल्डिंग, पेंटिंग और हमाली करने वालों को इस घिनौने प्लान में शामिल किया।
पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी : कई मुस्लिम लड़कों को अपने साथ जोड़ा
दो दिन पहले 23 फरवरी को बिजयनगर थाना पुलिस ने पूर्व निर्दलीय पार्षद हकीम कुरैशी को गिरफ्तार किया था। हकीम ने इलाके के कई मुस्लिम लड़कों को अपने साथ जोड़ रखा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि एक बच्ची से रेप के मामले में बच्ची ने अपने बयानों में भी पुलिस को ये बताया है कि हकीम ने उसे कहा था कि ये गलत नहीं है और इससे कुछ नहीं होगा। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।
ऐसे में अब पुलिस यहीं पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हकीम इस गिरोह के जरिए क्या कोई बड़ी साजिश की प्लानिंग तो नहीं कर रहा था। मसूदा सीओ सज्जन सिंह ने बताया कि हकीम बिजयनगर रेप-ब्लैकमेल कांड में आरोपी का सहयोगी था। रविवार शाम को आरोपी को अजमेर के कोटड़ा स्थित पॉक्सो कोर्ट के जज के आवास पर पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया गया था।
टेंपो ड्राइवर आशिक : पहली लड़की को फंसाने वाला
21 साल का आशिक पुत्र राज मोहम्मद मंसूरी विजयनगर का रहने वाला है। टेंपो चलाता है। सबसे पहली बालिका को आशिक ने ही फंसाया था। आशिक अक्सर बालिका के स्कूल के रास्ते में खड़ा रहता था। पहले उसने बालिका से दोस्ती की। उसे चाइनीज कीपेड वाला छोटा सा मोबाइल दिला दिया। रोज फोन पर उससे बात करता। वो बालिका से इंस्टाग्राम पर भी जुड़ गया था। बालिका से फोटो-वीडियो मंगवाए। इतना ही नहीं वो उसे बाहर घूमाने भी ले जाने लगा। इसी दौरान उसने बालिका के आपत्तिजनक वीडियो बना लिए और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसी बालिका के सहारे उसने एक दूसरी बालिका को भी फंसा लिया। पहली बालिका के नंबर और उसके वीडियो अपने साथियों को शेयर कर दिए।

लुकमान : वेल्डिंग का काम करता
20 साल का लुकमान उर्फ सोहेब पुत्र मोहम्मद उस्मान गुलाबपुरा का रहने वाला है। वर्तमान में बिजयनगर में वेल्डिंग शॉप पर काम कर रहा था। लुकमान भी हकीम के गैंग में शामिल था। लुकमान ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। दिन भर आवारागर्दी में लगा रहता था।
सौहेल मंसूरी : बालिकाओं को सबसे ज्यादा धमकाता
बिजयनगर का रहने वाला सौहेल मंसूरी उर्फ सोयल हुसैन पुत्र अनवर हुसैन अनपढ़ है। 19 साल का सौहेल सभी आरोपियों में से सबसे ज्यादा निर्दयी था। एक के बाद दूसरी और फिर तीसरी की चेन बनाता जा रहा था। बालिकाओं को सबसे ज्यादा डराता-धमकाता था।
रेहान : सौहेल ने दिए थे लड़कियों के फोटो और नंबर
बिजयनगर के रहने वाले 20 साल के रेहान उर्फ रियान पुत्र चांद मोहम्मद मंसूरी ने प्राइमरी शिक्षा पूरी होने से पहले ही स्कूल छोड़ दिया था। हमाली का काम करता था। सोहैल से ही उसे बच्चियों के फोटो-वीडियो और मोबाइल नंबर मिले थे।

अफराज : धार्मिक आस्था बदलने का दबाव बना रहा था
भीलवाड़ा जिले के गुलाबपुरा के रहने वाले 18 साल के अफराज उर्फ जिब्राहील पुत्र सलाम कुरैशी मुसलमान ने भी प्राइमरी एजुकेशन से पहले स्कूल छोड़ दी थी। दुपहिया वाहन के गैराज में रिपेयरिंग हेल्पर का काम पकड़ लिया था। अफराज बालिकाओं को फोटो-वीडियो के सहारे धमका रहा था। उन पर धार्मिक आस्था बदलने का दबाव बना रहा था।
करीम खां : अश्लील चैटिंग करता था
बिजयनगर का ही रहने वाला 20 साल का करीम खां पुत्र मोहम्मद इदरिश कुरैशी भी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। टैंपो चलाता था। अनजान लड़कियों से अश्लील चेटिंग करता था। करीम ने भी कई लड़कियों का शोषण किया था।
श्रवण जाट : इसी के कैफे में लड़कियों को लाया जाता
भिनाय क्षेत्र के जोरावरपुरा का रहने वाला 23 साल का श्रवण पुत्र रामकुवांर जाट विजयनगर में चिल आउट नाम से कैफे चलाता था। उसने अवैध तरीके से कुछ हिडन स्पेस बना रखा था। इस स्पेस में लड़के-लड़कियों को बैठाने के नाम पर 200 रुपए चार्ज लेता था। स्कूल गर्ल्स के साथ गलत काम यहीं पर हुआ था।
इन आरोपियों के अलावा गिरोह में 3 नाबालिग शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने डिटेन किया है। एक आरोपी दीपक अभी फरार है। दीपक विजयनगर में ही पिज्जा हट चलाता था। वो भी श्रवण की ही तरह आरोपियों को गलत काम करने के लिए स्पेस अवेलेबल करवा रहा था।






