कार मालिकों से जान पहचान करने के बाद फर्जी आईडी लगाकर किसी काम के बहाने लग्जरी गाड़ियां लेकर बेचने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए करधनी थाना पुलिस ने पांच बदमाशों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी मनीष यादव अनंतपुरा बहरोड, रामलाल सरदारशहर चूरू, अंशु सिंह मांडल कोटपूतली, कर्मवीर सिंह उर्फ मोनू बन्ना मांडल कोटपूतली व विजय कुमार उर्फ बिज्जू साहवा सावा चूरू के रहने वाले है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्कॉर्पियो व एक थार जब्त कर ली।
डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित राजेन्द्र सिंह ने करधनी थाने में रिपोर्ट दी कि 9 मार्च को उनका परिचित रवि गुर्जर किसी काम से स्कॉर्पियो लेकर गया। बाद में रवि से उसके परिचित मोहित सोनी व संदीप यादव दोस्त की शादी में जाने के बहाने ले गए। तय समय वापस नहीं लौटे और कॉल भी रिसीव नहीं किया। आरोपियों ने गाड़ी का जीपीएस भी बंद कर दिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि मोहित ने 2 कार रेंट के बहाने लेकर मनीष यादव को दी है। ऐसे में गिरोह का खुलासा करने के लिए एसएचओ सवाई सिंह, डीएसटी इंचार्ज गणेश सैनी, एसआई आशीष कुमार, हैड कांस्टेबल कैलाश व तकनीकी शाखा से दिनेश शर्मा के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों को गठन किया। उक्त टीमों ने राजस्थान, हरियाणा व एमपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस टीम ने इस तरह बिछाया जाल…और आरोपियों को पकड़ लिया
{टीमों ने गाड़ी लेने के दौरान सीसीटीवी फुटेज, आईडी व कॉल डिटेल के आधार पर मनीष यादव की पहचान कर पकड़ा। पूछताछ की तो बताया कि हत्या के मामले में अलवर जेल में बंद दोस्त जयंत यादव के कहने पर गाड़ियां किराए पर ली है। जयंत ने कहा कि उसका दोस्त जयपुर आए और उसे फर्जी आईडी के आधार पर दो गाड़ियां लेनी है।
{जिस पर वह जयपुर आकर मोहित से मिला और गाड़ी लेने की बात कही और दोनों मिलकर जयंत द्वारा भिजवाई गई आईडी के आधार पर झोटवाड़ा से दो गाड़ियां ले ली।
{उसके बाद जयंत के बताए अनुसार सीकर के पास उसके दोस्त अंशु सिंह व कर्मवीर को दे दी। इसके बाद टीम ने पहचान कर अंशु को पकड़ा।
{अंशु बोला कि एनडीपीएस के मामले में अलवर जेल में रहने के दौरान जयंत से जान पहचान हुई थी। कुछ दिन बाद जमानत हो गई। जमानत व अन्य खर्चे के लिए जयंत के साथ मिलकर फर्जी आईडी से गाड़ियां लेने का प्लान बनाया था।
{उसके बाद कर्मवीर व भैरव बन्ना और उसके दो साथियों के साथ मिलकर काम शुरू कर दिया। गिरोह ने विजय साहवा को 1.90 लाख रुपए में थार व 2.90 लाख रुपए में बेच दी। साहवा ने 4.80 में से 3.90 लाख रुपए जयंत के बताए गए लड़कों को दे दिए।
{अब जयंत को प्रॉडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ के बाद ही स्थिति साफ होगी।
{एसीपी सुरेन्द्र राणावत ने बताया कि ये गिरोह फर्जी आईडी के आधार पर ली गई गाड़ियों को कम भावों में मादक पदार्थ व शराब तस्करों को बेच रहे है। गिरोह का खुलासा करने के लिए टीम का गठन किया है।
{आरोपी विजय कुमार उर्फ बिज्जू बन्ना के खिलाफ चूरू, झुन्झुनूं, हनुमानगढ़ व हरियाणा के अलग-अलग थानों में 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज है। कर्मवीर पर एक केस व अंशु सिंह पर 6 केस दर्ज है।






