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जल जीवन मिशन:गर्मियों में पेयजल सप्लाई की अधूरी तैयारी, घोषणा के बाद भी 50% ट्यूबवेल व हैंडपंप चालू नहीं हुए

प्रदेश में तापमान बढ़ने के कारण पेयजल की डिमांड 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है, लेकिन गर्मियों को लेकर जलदाय विभाग की अधूरी तैयारी है। करीब एक साल पहले हुई बजट घोषणा के बावजूद विभाग के इंजीनियरों ने 50 फीसदी ट्यूबवेल व हैंडपंप भी चालू नहीं किए है। आम जनता को पर्याप्त पेयजल के इंतजाम को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विभाग के अधिकारियों ने अप्रैल अंत तक 800 से अधिक ट्यूबवेल और 1400 हैण्डपंप क्रियाशील होने के दावे किए गए।

वर्तमान में यह आंकडा लक्ष्य से आधा ही हो पाया है। जबकि गत वर्ष बजट में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 नलकूप और 10 हैण्डपंप स्वीकृत किए गए थे। ऐसे में पूरे प्रदेश में एक हजार ट्यूबवेल और दो हजार हैंडपंप चालू करने थे। इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपंप की वित्तीय स्वीकृति भी जारी नहीं की गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में अधिकारियों को पेयजल की स्कीम व प्रोजेक्ट को लेकर गंभीरता से काम करने नसीहत दी है।

टैंकर से पानी सप्लाई के लिए 107 करोड़ मंजूर

अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के पीक सीजन में टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपए के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपए के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने तथा पंपसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं।

इसी माह जारी होंगे जेजेएम के 5 हजार वर्क ऑर्डर

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने हमारे आग्रह पर जल जीवन मिशन की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी है। उन्होंने जल जीवन मिशन में शेष वर्क आर्डर शीघ्र जारी करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रेल माह में 5 हजार करोड़ के कार्यादेश जारी कर जेजेएम के कार्यों को गति प्रदान की जाए। उन्होंने जल जीवन मिशन योजनाओं को सफलतापूर्वक चलाने के लिए संचालन एवं संधारण नीति शीघ्र जारी किये जाने के निर्देश प्रदान किये।”

कंट्रोल रूम नम्बरों का करें प्रचार-प्रसार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएचईडी अधिकारी बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय बना कर रखें ताकि पीक लोड के कारण बिजली ट्रिपिंग, फॉल्ट आदि की स्थिति में भी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति बाधित नहीं हो। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम्स के नम्बरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इन पर आने वाली शिकायतों का त्वरित और समयबद्ध निस्तारण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए नए हैण्डपम्प, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपम्प, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरुस्त करने सहित पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिला कलेक्टरों को एक-एक करोड़ रुपए का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। अधिकांश जिलों में इस फंड का उपयोग करते हुए स्वीकृतियां जारी कर कार्य शुरू कर दिये गए हैं। उन्होंने शेष जिलों के जिला कलेक्टरों को भी स्वीकृतियां शीघ्र जारी कर कार्य दी गई समय सीमा में पूरा करवाने के निर्देश दिए।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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