सोडाला थाना पुलिस ने बदमाश रोहित गाेदारा गैंग के आदमी बताकर स्टील व्यापारी से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने पहले 27 और फिर 29 मई को धमकी दी, कहा-रकम नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मार देंगे। मामला सामने आने के बाद कमिश्नर बीजू जार्ज जाेसफ ने एडिशनल कमिश्नर कुंवर राष्ट्रदीप काे जांच की सुपरविजन साैंपी है।
डीसीपी साउथ दिगंत आनंद ने बताया कि फिराैती मांगने के मामले में आराेपी जयप्रकाश कुमावत 24 निवासी बाेकड़ावास-माधाेराजपुरा जयपुर, लोकेन्द्र सिंह 27 निवासी धीजपुरा मकराना-नागाैर हाल शांति नगर दुर्गापुरा, लखन गुर्जर उर्फ हैरी 21 निवासी रानीखेड़ा-अलवर हाल गुर्जर की थड़ी मानसराेवर और महेश कुमावत 25 निवासी माधाेराजपुरा काे गिरफ्तार किया है। साजिश में सहभागी महेश मुख्य आराेपी जयप्रकाश का चचेरा भाई है। आरोपियों से घटना के उपयाेग में ली गई थार, बाइक और धमकी देने के लिए उपयोग मे लिया गया मोबाइल बरामद कर लिया है।
एडिशनल डीसीपी साउथ ललित शर्मा ने बताया कि स्टील व्यापारी काे जिस नम्बर से धमकी दी गई, वह अलवर निवासी मजदूर का है। उससे पूछताछ की तो नम्बर के उपयाेग करने से इनकार किया। जांच में पाया कि मजदूर के आधार कार्ड से फर्जी सिम ली है। इसके बाद तकनीकी आधार माेबाइल सिम की लाेकेशन काे ट्रेस किया गया। कांस्टेबल अजयपाल, पवन कुमार और गणेशराम ने उस इलाके में तकनीकी आधार पर जयप्रकाश कुमावत, महेश कुमावत, लोकेन्द्र सिंह तथा लखन सिंह गुर्जर को पकड़ कर पूछताछ की। जिसमें आराेपियाें ने रंगदारी मांगना स्वीकार कर लिया।
आरोपी सट्टा खेलने का आदी साेडाला एसीपी याेगेश चाैधरी ने बताया कि जयप्रकाश ऑनलाइन सट्टे का आदी है। वह निजी अस्पताल में डायलसिस विभाग में कार्य करता था, जहां से 3 माह पहले नौकरी छोड़ दी। खुद की जगह चचेरे भाई महेश को वहां नौकरी लगवा दी। लोकेंद्र भी उनके साथ उसी अस्तपाल में काम करता था। जयप्रकाश का परिवार सांगानेर में ही रहता है, लेकिन सट्टा खेलने के लिए उसने अस्पताल के पास ही किराए से फ्लैट ले लिया। वहां पर ही उसका दोस्त लोकेन्द्र सिंह और महेश भी साथ रहने लगे।
27 मई: जयप्रकाश के कहने पर लखन ने धमकी दी। लखन 10 मीटर राइफल शूटिंग में नेशनल चैम्पियन रहा है। उसने फोन कर कहा- हम रोहित गोदारा गैंग से बोल रहे हैं। स्टील में काफी पैसा कमा चुके हो। 10 करोड़ रुपए हमको दो, वरना तुम्हारे परिवार को खत्म कर देंगे।
29 मई: दो दिन बीत चुके हैं, तुमने वापस कॉल नहीं किया। दो दिन और दे रहे हैं, फिरौती दे देना, वरना घर आकर ही ठोक देंगे। इसके बाद व्यापारी के घर पुलिस तैनात कर दी गई।
अस्पताल में व्यापारी की मां डायलिसिस कराने आती थी, तभी बदमाशों ने चुना टारगेट व्यापारी की मां सरला देवी काे किडनी की समस्या होने के कारण वहीं पर निजी अस्पताल में डायलिसिस करवाने आते थे। उनकी लग्जरी कार देख ड्राइवर सुनील यादव से लोकेन्द्र व जयप्रकाश ने दोस्ती कर ली। इसके बाद व्यापारी की फैक्ट्री, घर का पता तथा माेबाइल नंबर ले लिए।
आंखाें के इलाज के लिए रुपए मांगे, सट्टे में लगा दिए
लोकेन्द्र सिंह के अस्पताल में काम करने के दौरान आंख में ब्लड चला गया था। जिससे इन्फेक्शन होने से रोशनी चली गई। उसका चेन्नई के शंकरा अस्पताल में इलाज चल रहा है। लाेकेंद्र ने इलाज के लिए परिचितों से 5 लाख लिए तो वो पैसे जयप्रकाश ने लेकर सट्टे में लगा दिए। जयप्रकाश ने कर्ज के चलते अपना प्लॉट भी बेच दिया था। ज्यादा कर्ज हो गया, इसलिए यह साजिश रची।






