अजमेर में भारत सरकार की ओर से संचालित छात्रवृत्ति योजना में गलत जानकारी देकर छात्रवृत्ति की रकम हड़पने का मामला सामने आया है। मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की ओर से सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइन थाना पुलिस के अनुसार- जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशिमा कम्भज ने थाने में शिकायत दी है। शिकायत में बताया- भारत सरकार की ओर से संचालित अल्पसंख्यक मामलात विभाग के अधीन छात्रवृति योजनाओं (पोस्ट मैट्रिक, मेरिट कम मीन्स एवं बेगम हजरत महल) के तहत अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृति दी जाती हैं।
जिसके लिए NSP पोर्टल पर योग्य आवेदकों के आवेदन-पत्र आमंत्रित किए जाते है, जिसके अन्तर्गत शिक्षण संस्थानों के संस्था प्रधानों एवं नोडल अधिकारियों का केवाईसी सत्यापन जिला शिक्षा अधिकारी / जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी स्तर से किया जाता हैं।
शिक्षण संस्थाओं के HOI/INO एवं DMWO की ओर से पोर्टल पर सत्यापित चयनित छात्रा को भारत सरकार द्वारा छात्रवृति उनके खातों में ट्रांसफर की जाती हैं। अजमेर जिले में साल 2021-22 में चयनित स्टूडेंट्स को छात्रवृति प्रदान की गई। इसी प्रकार साल 2022-23 में भी चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृति प्रदान की गई।
इस बीच अल्पसंख्यक मामलात जयपुर द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार कार्यालय में किए गए संदेहास्पद श्रेणी के शिक्षण संस्थानों में भौतिक निरीक्षण द्वारा हमें ज्ञात हुआ कि साल 2021-22 में 30 शिक्षण संस्थाओं के आवेदकों की ओर से NSP पोर्टल पर गलत जानकारी देकर लाखों रुपए की छात्रवृति की राशि धोखाधडी कर प्राप्त की गई।
इसी प्रकार साल 2022-23 में 21 संस्थानों की ओर से गलत जानकारी देकर गलत तरीके से लाखों रुपए की छात्रवृति प्राप्त करके राजकोष में गबन किया हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।






