राजेंद्र गुर्जर अपनी बेटी और पत्नी के साथ अपने गांव चतरपुरा से अजीतगढ़ स्थित जगदीश धाम मंदिर जा रहे थे। राजेंद्र रविवार सुबह अपने घर से निकले थे। सुबह करीब 8 बजे धाराजी घाटी पर मूंगफली के छिलके से भरा हुआ ट्रक अचानक पलट गया।
अजीतगढ़ थानाधिकारी मुकेश सेपट ने बताया कि कल हादसे की जानकारी मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और ट्रक के आगे का हिस्सा हटा दिया था। सोमवार सुबह करीब 8 बजे जब मूंगफली के छिलके हटाए जा रहे थे तो तीनों के शव वहां नीचे दबे हुए मिले।
सोमवार को जब तीनों के शव मिलने तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
मामला जिले के शाहपुरा इलाके के धाराजी घाटे का है। जानकारी के अनुसार राजेंद्र गुर्जर (28) अपनी पत्नी अनू गुर्जर (22) और ढाई साल की बेटी अयांशी के साथ मंदिर जा रहे थे। तीनों बाइक पर थे। इसी दौरान चारे से भरा ट्रक पलट गया और तीनों दब गए। परिजनों ने बताया कि अनू प्रेग्नेंट भी थी। कल सुबह से दोनों के फोन भी बंद आ रहे थे।

रविवार को गांव से निकले थे, शाम तक नहीं लौटे तो थाने पहुंचे परिजन
जानकारी के अनुसार राजेंद्र गुर्जर अपनी बेटी और पत्नी के साथ अपने गांव चतरपुरा से अजीतगढ़ स्थित जगदीश धाम मंदिर जा रहे थे। राजेंद्र रविवार सुबह अपने घर से निकले थे। सुबह करीब 8 बजे धाराजी घाटी पर मूंगफली के छिलके से भरा हुआ ट्रक अचानक पलट गया।
अजीतगढ़ थानाधिकारी मुकेश सेपट ने बताया कि कल हादसे की जानकारी मिलने के बाद टीम मौके पर पहुंची और ट्रक के आगे का हिस्सा हटा दिया था। सोमवार सुबह करीब 8 बजे जब मूंगफली के छिलके हटाए जा रहे थे तो तीनों के शव वहां नीचे दबे हुए मिले।

परिजनों ने करवाई थी गुमशुदगी, अनू थी प्रेग्नेंट
इधर, देर रात तक जब तीनों ने नहीं पहुंचे तो परिजन चिंता करने लगे। इस पर राजेंद्र और अनू को भी कॉल किया लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस पर परिजन शाहपुरा थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज करवाई।
इधर, सोमवार सुबह जैसे ही तीनों के शव मिले तो परिजनों को सूचित किया गया। इस हादसे के बाद शाहपुरा और अजीतगढ समेत आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
इस दौरान ग्रामीणों ने शाहपुरा-अजीतगढ़ रास्ते पर जाम लगा दिया और शव उठाने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि अनू प्रेग्नेंट भी थी।





