Home » राजस्थान » मेडिकल कॉलेज पर लापरवाही से डॉक्टर की मौत का केस:चाचा बोले-हमारे परिवार का पहला डॉक्टर था रवि, 5वें दिन भी रेजीडेंट्स की हड़ताल जारी

मेडिकल कॉलेज पर लापरवाही से डॉक्टर की मौत का केस:चाचा बोले-हमारे परिवार का पहला डॉक्टर था रवि, 5वें दिन भी रेजीडेंट्स की हड़ताल जारी

उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में करंट लगने से हुई मेडिकल ऑफिसर की मौत के मामले में परिजनों ने कॉलेज प्रशासन के लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज कराया है। मृतक डॉ रवि शर्मा के चाचा देवीकिशन शर्मा ने शहर के हाथीपोल थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 106(1) में लापरवाही के कारण से हुई मौत का मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।

वहीं, 5वें दिन सोमवार को भी 600 से ज्यादा रेजीडेंट्स हड़ताल पर है। इससे एमबी हॉस्पिटल, जनाना, सुपर स्पेशियलिटी विंग सहित चांदपोल और हिरणमगरी हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज मुश्किल हो रहा है। सबसे ज्यादा असर आईसीयू, इमरजेंसी और ऑपरेशन पर पड़ रहा है।

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में लगा वाटर कूलर। जिससे करंट लगने से डॉ रवि की मौत हो गई थी।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में लगा वाटर कूलर। जिससे करंट लगने से डॉ रवि की मौत हो गई थी।

FIR में लिखा, शिकायत बावजूद वाटर कूलर रिपेयर नहीं कराया मेडिकल कॉलेज के पीजी हॉस्टल में करंट की शिकायत पूर्व में रेजीडेंट्स द्वारा कई बार हॉस्टल प्रशासन, अस्पताल और कॉलेज प्रशासन को व्यक्तिगत और समूह में जाकर की थी। जिसमें भविष्य में दुर्घटना की आशंका जताई थी लेकिन प्रशासन ने अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते हुए वाटर कूलर को न तो रिपेयर कराया। ना ही वहां चेतावनी बोर्ड लगाया। इसी लापरवाही के कारण डॉ रवि शर्मा की करंट लगने से मौत हो गई। ऐसे लापरवाह अफसर-कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

मृतक डॉक्टर रवि शर्मा।
मृतक डॉक्टर रवि शर्मा।

परिवार में पहला डॉक्टर था रवि, पीजी में गोल्ड मैडलिस्ट था: चाचा चाचा जगदीश शर्मा ने बताया कि मेरा भतीजा डॉ रवि शर्मा शुरू से ही पढ़ने में बहुत होशियार था। अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज से एनेस्थिसीया में पीजी में गोल्ड मैडलिस्ट रहा। 12वीं बाद उसने दो साल कोटा तैयारी की और दूसरे चांस में जोधपुर मेडिकल कॉलेज में यूजी के लिए एडमिशन मिला। चाचा बताते हैं कि वह हमारे परिवार का पहला डॉक्टर था। इसी की प्रेरणा से परिवार में उसके कजिन डॉ प्रशांत, डॉ उज्जवल और डॉ यश शर्मा भी डॉक्टर बन गए।

डॉ रवि के पिता दिलीप शर्मा नागौर के मकराना में साड़ी की दुकान करते हैं। वह अपने पिता का इकलौता बेटा था, उससे छोटी एक बहन कोमल शर्मा है। पिता ने बड़ी ही उम्मीद से अपने बेटे को डॉक्टर बनाया था। डॉ रवि के एक डेढ़ साल और दूसरी 3 साल की बेटी है।

मकराना में आज होगा डॉ रवि का अंतिम संस्कार मृतक डॉक्टर रवि शर्मा की मौत के चौथ दिन बीती रात करीब 11:15 बजे उनका शव उनके गृह क्षेत्र नागौर के मकराना में एंबुलेंस से भेजा गया। एमबी हॉस्पिटल की मोर्चरी में सैकड़ों रेजीडेंट डॉक्टर्स ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। पुष्प वर्षा करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। सोमवार को मकराना में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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