देश के 1 करोड़ से अधिक युवाओं को शीर्ष प्रतिष्ठित 500 कंपनियों में इंटर्नशिप दिलाने के उद्देश्य से मोदी सरकार की ओर से प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना शुरू की गई। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई इस योजना का एक वर्ष का लक्ष्य 1.25 लाख इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना तय किया गया। 9 जनवरी 2025 को शुरू हुए पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत 327 भागीदार कंपनियों ने देश के 735 जिलों में 1.18 लाख से अधिक इंटर्नशिप अवसर प्रदान किए। यह जानकारी राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में कारपोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने सदन को दी।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि 17 जुलाई तक साझेदार कंपनियों ने युवाओं को 71000 से अधिक आफर दिए और 22500 से अधिक आफर स्वीकार किए गए। उन्होंने बताया कि 21 से 24 आयु वर्ग के युवाओं को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत इंटर्नशिप करवाई जा रही है। इसके लिए न्यूनतम हाई स्कूल, हायर सैकेंडरी स्कूल पास करने के साथ आईटीआई प्रमाण पत्र, बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए, बी फार्मा आदि जैसी डिग्री के साथ स्नातक योजना में आवेदन के पात्र है। कारपोरेट कार्य मंत्रालय इस योजना के प्रचार प्रसार के लिए राज्य सरकारों के साथ उद्योग संघ, शैक्षणिक संस्थानों में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि इंटर्नशिप योजना युवाओं को शैक्षणिक शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओ के बीच खाई को पाटकर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने के इरादे से विभिन्न व्यवसायों या संगठनों के वास्तविक जीवन के वातावरण में प्रशिक्षण, अनुभव और कौशल प्राप्त करने के अवसर प्रदान करती है।





