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शक्ति वंदन महोत्सव का हुआ भव्य समापन

हजारों महिलाओं ने विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का लिया संकल्प

हर युग में मातृशक्ति ने बदली इतिहास की दिशा:सीता ताई

कार्यक्रम में सांस्कृतिक और युवा सहभागिता भी मिली देखने को

शक्ति वंदन महोत्सव में राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका और राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजया राहटकर का उद्बोधन

डॉ.सौम्या गुर्जर के नेतृत्व में दो दिवसीय आयोजन,1000 बच्चियों का सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण, 21 महिलाओं का हुआ सम्मान

न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा
जयपुर। निवर्तमान महापौर डॉ.सौम्या गुर्जर के नेतृत्व में आयोजित दो दिवसीय शक्ति वंदन महोत्सव का उत्साह और ऊर्जा के साथ समापन हुआ।महोत्सव में हजारों महिलाओं और युवतियों ने भाग लेते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपने सक्रिय योगदान का संकल्प लिया।यह आयोजन नारी सशक्तिकरण, स्वास्थ्य,उद्यमिता और सांस्कृतिक जागरूकता का सशक्त मंच बनकर सामने आया।महोत्सव के अंतर्गत आयोजित शक्ति वंदन भारत के स्व का अभिनंदन विशेष सत्र में राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका वंदनीय सीता ताई ने कहा कि भारत के इतिहास में हर युग में मातृशक्ति ने समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान मांगने से नहीं,बल्कि अपने कर्म,आत्मबल और संकल्प से प्राप्त होता है।

*महिलाओं के संकल्प और आत्मबल ने हर युग में समाज को नई दिशा दी:सीता ताई*

सीता ताई ने कहा कि महिलाओं के स्वावलंबन और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं और अपने निर्णयों पर दृढ़ रहती हैं,तब समाज भी उन्हें सम्मान देता है।
सीता ताई ने भारतीय इतिहास के उदाहरण देते हुए कहा कि माता अदिति, सीता माता और द्रौपदी जैसी महिलाओं के संकल्प और आत्मबल ने हर युग में समाज को नई दिशा दी है।राजस्थान की वीरभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने माता पन्नाधाय के त्याग को मातृशक्ति का सर्वोच्च उदाहरण बताया।

*नारी शक्ति के सशक्तिकरण का यही सही समय,अवसरों का लाभ उठाएं महिलाएं:विजया राहटकर*

सत्र में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने नारी शक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए केवल एक दिन नहीं,बल्कि पूरे वर्ष समान भाव और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक प्रतीक है,जबकि वास्तविक लक्ष्य यह होना चाहिए कि वर्ष के 365 दिन महिलाओं के अधिकार,सम्मान और अवसरों को सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि आज देश में महिलाओं के लिए अनुकूल और सकारात्मक वातावरण बन रहा है।सुरक्षा,शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार और समाज दोनों स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए देश में मजबूत कानून बनाए गए हैं,लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में महिलाएं उनका पूरा लाभ नहीं उठा पातीं। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं अपने अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूक बनें।

*तकनीकि और इंजीनियरिंग महिलाओं की संख्या विश्व में सबसे अधिक भारत में:विजया राहटकर*

विजया राहटकर ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी देश में विशेष पहल की जा रही है।हाल ही में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है।इसी क्रम में कार्यक्रम के दौरान लगभग 1000 बेटियों को वैक्सीन भी लगाई गई,जो महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और संवेदनशीलता का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है।विज्ञान,तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) जैसे क्षेत्रों में पढ़ने वाली महिलाओं की संख्या विश्व में सबसे अधिक भारत में है।यह भारत की बदलती सामाजिक सोच और महिलाओं की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।राहटकर ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की मुद्रा योजना जैसी योजनाएं बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं।इन योजनाओं के माध्यम से महिलाएं बिना अधिक गारंटी के कम ब्याज दर पर ऋण लेकर अपने व्यवसाय को शुरू या विस्तार कर सकती हैं।उन्होंने महिलाओं से ई-श्रम कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का भी आह्वान किया।उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी महिलाओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।यदि किसी शहर में महिला उद्यमियों की सबसे सशक्त उपस्थिति दिखाई देती है, तो वह जयपुर है।यहां की बेटियां और महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में शानदार कार्य करते हुए आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।

*राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने की सौम्या गुर्जर की सराहना*

विजया राहटकर ने डॉ.सौम्या गुर्जर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने दो वर्ष पूर्व जिस शक्ति वंदन महोत्सव की शुरुआत की थी,वह आज महिलाओं के सशक्तिकरण और प्रतिभा को मंच देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। इस अवसर पर निवर्तमान महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजया राहटकर का साफा और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत और सम्मान किया।

*1000 बच्चियों को वैक्सीन लगाई गई, सैंकड़ों ने सीखी तलवारबाजी*

महोत्सव के दौरान महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विशेष सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान भी चलाया गया,जिसके तहत करीब 1000 बच्चियों को वैक्सीन लगाई गई।इसके साथ ही महिलाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सैकड़ों महिलाओं ने तलवारबाजी का प्रशिक्षण लिया और शौर्य प्रदर्शन किया,जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।

   *ये सत्र भी हुए आयोजित*

पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने “स्त्री देह से आगे” विषय पर विचार रखते हुए नारी की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला।वहीं अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने “महिला उद्यमी का विकसित भारत में योगदान” विषय पर अपने विचार साझा करते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
महोत्सव में “स्वस्थ नारी – समृद्ध समाज” विषय पर आयोजित विशेष सत्र में सर्वाइकल कैंसर जागरूकता को लेकर महिला विदुषियों और चिकित्सकों ने विस्तृत जानकारी दी।इस दौरान उपस्थित महिलाओं ने भी खुलकर सवाल पूछे और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

*जेन— जी युवाओं ने किया भजन जैमिंग*

जेन-जी (Gen Z) के युवाओं ने भजन जैमिंग के माध्यम से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण बनाया।वहीं महिलाओं ने उत्साह के साथ फूलों की होली खेलकर आपसी सौहार्द और उत्सव का आनंद लिया।समापन अवसर पर निवर्तमान महापौर डॉ.सौम्या गुर्जर ने कार्यक्रम में शामिल हुई सभी महिलाओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शक्ति वंदन महोत्सव का उद्देश्य महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है,जहां वे अपने स्वास्थ्य, आत्मरक्षा,उद्यमिता और नेतृत्व क्षमता को पहचानते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को और सशक्त बना सकें।इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही 21 महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, छात्राओं,उद्यमियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे यह आयोजन नारी शक्ति के उत्सव और प्रेरणा का सशक्त उदाहरण बन गया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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