शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्री राजन विशाल ने मंगलवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में सभी जिलों के विभागीय अधिकारियों की वीसी के माध्यम से समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की गति बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा पात्र कृषकों को लाभान्वित करें।
शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बैठक में यूरिया डाईवर्जन, कालाबाजारी, उर्वरकों का अवैध भंडारण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, फार्मपोंड, डिग्गी, सिंचाई पाइप लाईन, गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना, तारबंदी एवं कृषि यंत्र आदि डीबीटी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। डीबीटी योजनाओं में कम प्रगति वाले जिलों को प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिये।
श्री राजन विशाल ने कहा कि प्रदेश में उर्वरकों के डाइवर्जन, कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए उचित कदम उठाए। विभागीय अधिकारी उर्वरकों की कालाबाजारी व डाइवर्जन को रोकने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से बॉर्डर इलाकों में चैक पोस्ट स्थापित कर निगरानी रखें। उर्वरकों के साथ हो रही टैगिंग को रोकें और टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सुसंगत नियमों के अनुसार सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाये। जिले में आईएफएमएस पोर्टल से अधिक उर्वरक क्रय करने एवं बार-बार खरीद करने वाले व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट पोर्टल पर दर्ज करें
उन्होंने डीएपी का उपयोग कम कर डीएपी के स्थान पर SSP+यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए फ्लैक्स, बैनर, कृषक गोष्ठियों, रात्रि चौपाल, सोशल मीडिया और आकाशवाणी आदि के द्वारा जागरूक करने के लिए कहा, जिससे फसलों को कैल्शियम व सल्फर की उपयुक्त मात्रा मिल सके। अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि आदान विक्रेता उर्वरकों की बिक्री पॉश मशीनों द्वारा ही करें।
टैगिंग करने और निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य लेने पर उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्यवाही अमल में लाई जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि यूरिया व डीएपी की बिक्री कृषि पर्यवेक्षकों की देख-रेख में करवाई जाये जिससे टैगिंग व कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
शासन सचिव ने कहा कि गुण नियंत्रण के तहत टैगिंग वाले मेटेरियल की सेंपलिंग ज्यादा से ज्यादा की जाये। किसानों को फसल बीमा कराने के लिए कृषक गोष्ठियों व रात्रि चौपालों द्वारा ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करें।
बैठक में आयुक्त कृषि एवं उद्यानिकी सुश्री चिन्मयी गोपाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि (आदान) श्री गोपाल लाल, अतिरिक्त निदेशक कृषि (विस्तार) श्री टीके जोषी, अतिरिक्त निदेशक कृषि (अनुसंधान) श्री अजय कुमार पचौरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे एवं जिलों से अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार और संयुक्त निदेशक वीसी के द्वारा जुडे़।






