राज्य सरकार खैरथल-तिजारा जिले का नाम और मुख्यालय बदलने वाली है। खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलकर भर्तृहरि नगर करने और जिला मुख्यालय भिवाड़ी करने के राजस्व विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है। अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद जिले का नाम बदलने की अधिसूचना जारी की जाएगी।
पिछली गहलोत सरकार ने 4 अगस्त 2023 को नए जिलों की घोषणा की थी, उस वक्त खैरथल-तिजारा भी नया जिला बना था। उस वक्त भिवाड़ी को जिला बनाने की मांग भी उठी थी। अब सरकार ने जिले का नाम बदलने के साथ जिला मुख्यालय भिवाड़ी करके उस मांग को पूरा करने का मैसेज दिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय तक जाएगा प्रस्ताव, तब बदलेगा नाम सीएम की मंजूरी के बाद अब खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। राजस्व विभाग खैरथल-तिजारा का नाम भर्तृहरि नगर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में रखेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रस्ताव विधानसभा में रखा जाएगा और वहां से मंजूरी के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद नाम बदला जा सकेगा।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बोले- अलवर बाबा भर्तृहरि की तपोभूमि रही केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने खैरथल तिजारा का नाम बदलने के फैसले कार स्वागत किया है। भूपेंद्र यादव ने एक्स पर लिखा- खैरथल-तिजारा जिले का नाम महान तपस्वी बाबा भर्तृहरि नाथ महाराज के नाम पर रखे जाने के फैसले का मैं स्वागत करता हूं।
अलवर बाबा भर्तृहरि की तपोभूमि रही है। इस निर्णय से क्षेत्र के सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मैं जनभावनाओं को नज़र में रखते हुए लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अभिनन्दन करता हूं।
किसी और जगह जिला मुख्यालय बनाया तो गांव में घुस नहीं पाएंगे खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलने पर किशनगढ़बास से कांग्रेस विधायक दीपचंद खैरिया आपत्ति जताई। उन्होंने कहा- इस फैसले का मुकाबला तो जनता करेगी। वो गांव में घुस नहीं पाएंगे।






