जैसलमेर पुलिस ने युवती के अपहरण मामले का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने युवती को भी बरामद किया और युवक गणपत सिंह से मामले को लेकर पूछताछ जारी है। म्याजलार थाना प्रभारी सज्जन सिंह ने बताया- 16 अगस्त को दानसिंह पुत्र आंबसिंह निवासी आंबसिंह की ढाणी म्याजलार ने मामला दर्ज करवाया था।
उसने बताया कि उसकी बेटी की सगाई कई साल पहले गणपतसिंह पुत्र गेमरसिंह निवासी रतरेड़ी बाड़मेर के साथ तय की थी। जिसे तोड़ने पर नाराज होकर गणपतसिंह, झंडसिंह, बनेसिंह, हिंदूसिंह, शंभुसिंह व मोहनसिंह सहित अन्य लोग दो गाड़ियों में 15 अगस्त की रात 2.15 बजे उसकी ढाणी में घुसे और मारपीट कर बेटी को अगवा किया।
म्याजलार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी अभिषेक शिवहरे ने सभी थानाधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में नाकाबंदी करने के निर्देश दिए। पुलिस ने झिनझिनयाली इलाके से मुख्य आरोपी गणपतसिंह, झंडसिंह, बनेसिंह, हिंदूसिंह व शंभूसिंह को गिरफ्तार किया व उनके पास से युवती को बरामद किया। सभी बदमाशों से पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।

सगाई तोड़ने से था नाराज युवक
युवती के पिता दानसिंह पुत्र आमसिंह ने पर्चा बयान पर बताया कि मेरी बेटी की सगाई काफी साल पहले गणपतसिंह पुत्र गेमरसिंह राजपूत निवासी रतरेड़ी जिला बाड़मेर के साथ तय की थी। जब सगाई तोड़ दी तो नाराज होकर गणपतसिंह पुत्र गेमरसिंह, झण्डसिंह पुत्र गेमरसिंह, बनेसिंह पुत्र गेमरसिंह, हिन्दूसिंह पुत्र इन्द्रसिंह, शम्भुसिंह पुत्र कालुसिंह व मोहनसिंह पुत्र रामसिंह राजपुरोहित निवासी रतरेड़ी व अन्य लोग दो गाड़ियों में भरकर रात करीब 02.15 बजे मेरे ढाणी में आए।
दीवार फांदकर घर में घुसकर स्प्रे का छिड़काव कर मेरी पुत्री को जबरदस्ती ले जाने लगे। इतने में हमने बीच बचाव किया तो मेरे साथ लाठियों से मारपीट कर मेरी पुत्री को जबरदस्ती गाड़ी में डालकर अपहरण कर ले गए।
सभी थानों में हुई नाकाबंदी, झिनझिनयाली में पकड़े
जिला पुलिस अधीक्षक, जैसलमेर अभिषेक शिवहरे द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग कर सभी थानाधिकारियों को नाकाबंदी कर गाड़ियों को पकड़ने के निर्देश दिए गए। अलग अलग पुलिस टीमों का गठन कर टीमों द्वारा आपस में तालमेल स्थापित कर 5 बदमाशों को युवती समेत झिनझिनयाली इलाके से पकड़ा। मुख्य आरोपी गणपतसिंह से इस मामले को लेकर पूछताछ की जा रही हैं।
घटना में इस्तेमाल गाड़ी को भी बरामद किया गया है। बदमाशों को तुरंत पकड़ने व युवती को उनके कब्जे से आजाद करवाने में ASI खुशाल चन्द्र, ASI मुकेश बीरा व डीएसटी प्रभारी हेड कॉन्स्टेबल भीमराव सिंह की अहम भूमिका रही।






