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कांग्रेस-नेता और 4 बार सांसद रहे कर्नल सोनाराम का निधन:खुद को स्वस्थ बताते हुए पोस्ट शेयर की, कुछ देर बाद ही निधन, सीने में हुआ था दर्द

बाड़मेर-जैसलमेर के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता कर्नल सोनाराम चौधरी का दिल्ली में बुधवार रात को निधन हो गया। वे दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल के पास किसी मीटिंग में शामिल होने गए थे।

सीने में दर्द होने पर वे खुद गाड़ी से अपोलो हॉस्पिटल पहुंचे। वहां उनका ऑपरेशन हुआ। इसके बाद उन्होंने खुद को स्वस्थ्य बताते हुए एक पोस्ट भी शेयर की थी।

इसके कुछ देर बाद रात करीब 11:15 बजे उनका निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार जैसलमेर के मोहनगढ़ में शुक्रवार को होगा।

कर्नल सोनाराम का निधन से पहले आखिरी पोस्ट

दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती होने के बाद कर्नल ने सोशल मीडिया पर खुद के स्वस्थ्य होने की पोस्ट भी डाली थी।
दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती होने के बाद कर्नल ने सोशल मीडिया पर खुद के स्वस्थ्य होने की पोस्ट भी डाली थी।

अंतिम दर्शन के लिए रखी जाएगी पार्थिव देह

ऑपरेशन के बाद कर्नल सोनाराम ने बेटे डाॅ. रमन चौधरी से बात की। बाड़मेर-जैसलमेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल भी हॉस्पिटल पहुंचे थे। इसके बाद कर्नल ने सोशल मीडिया पर उनकी हेल्थ अपडेट भी शेयर की थी।

उनकी पार्थिव देह गुरुवार सुबह 11:30 बजे जैसलमेर के उतरलाई एयरबेस पर लाई जाएगी। बाड़मेर में उनके आवास पर एक घंटे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव मोहनगढ़ ले जाई जाएगी।

सेना से 1994 में हुए थे रिटायर्ड

कर्नल सोनाराम चौधरी 4 बार सांसद और 1 बार बायतु विधायक रह चुके हैं। कर्नल के परिवार में उनकी पत्नी विमला चौधरी और एक पुत्र डॉ. रमन चौधरी हैं।

कर्नल सोनाराम चौधरी ने जोधपुर से बीई, फेलो (एफआईई) में ग्रेजुएशन की थी। इसके बाद वे 1966 में वे भारतीय सेना में शामिल हुए। उन्होंने पूर्वी मोर्चे पर 1971 के युद्ध में भी योगदान दिया था। उन्होंने 1994 में वीआरएस लिया और राजनीति में शामिल हो गए।

कर्नल सोनाराम चौधरी साल 1994 में राजनीति में आए थे। इससे पहले उन्होंने आर्मी में करीब 25 साल तक सेवाएं दी। सोनाराम चौधरी को राष्ट्रपति से विश्व सेवा पदक (वीएसएम) भी मिला था।
कर्नल सोनाराम चौधरी साल 1994 में राजनीति में आए थे। इससे पहले उन्होंने आर्मी में करीब 25 साल तक सेवाएं दी। सोनाराम चौधरी को राष्ट्रपति से विश्व सेवा पदक (वीएसएम) भी मिला था।

एक बार राजस्थान विधानसभा भी पहुंचे बायतु (बाड़मेर) विधानसभा क्षेत्र से 1 बार विधायक भी रहे थे। साल 2023 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस टिकट से गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और वर्तमान राज्यमंत्री केके विश्नोई के सामने चुनाव हार गए।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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