राजस्थान विधानसभा का एक सितंबर से शुरू होने वाला मानसून सत्र भारी हंगामेदार रहेगा। विपक्ष 20 मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। हालांकि फाइनल रणनीति सत्र से पहले विपक्षी विधायकों की बैठक में बनेंगी। सत्र की शुरुआत से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शेडो कैबिनेट भी बनाएंगे। साथ ही सभी अच्छे वक्ताओं, जोशीले नेताओं को रणनीतिक काम दिए जाएंगे।
जूली ने भी इसके संकेत दिए हैं। सरकार 10 विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, जिनमें 3 पिछले सत्र में प्रवर समिति को भेजे बिल भी शामिल हैं। सरकार के मंत्रियों की भी पूरी तैयारी है। स्पीकर ने नियम और खासकर प्रश्नकाल और शून्य काल के नियम कड़े करते हुए कई पावर सेंट्रलाइज किए हैं।
16वीं विधानसभा के चौथे सत्र में इन मुद्दों पर रहेगा विपक्ष का फोकस
- कानून व्यवस्था का बुरा हाल, आए दिन हत्याएं, लूट, डकैती और रेप
- छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने से युवा वर्ग में व्याप्त रोष और आंदोलन
- पेपर लीक की एसआई भर्ती जैसी परीक्षाओं को लेकर सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं कर पाना
- प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का हो रहा विरोध
- झालावाड़ स्कूल हादसे में मौतें और रिपोर्ट
- डेढ़ साल बीतने के बावजूद भी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव नहीं होना
- बजरी माफिया, भू माफिया और खनन माफिया प्रदेश में हावी
- एक ही विधेयक दो-दो बार प्रवर समिति में भेजे उनकी वस्तुस्थिति, प्रवर समिति को भेजे तीनों बिल पर घेराव
- राइजिंग राजस्थान के एमओयू को लेकर भी पूछेंगे सवाल
- कमजोर मंत्री, सवालों के जवाब नहीं देने वाले मंत्रियों को घेरना
- कांग्रेस नेताओं इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरु आदि पर मंत्रियों नेताओं की टिप्पणियां
- जयपुर, जोधपुर और कोटा में 2 की जगह एक एक निगम करने का विरोध
- बढ़ती बेरोजगारी, आत्महत्याएं, कोटा प्रकरण और अन्य दुखांतिकाओं को लेकर दबाव
- राजस्थान में भी वोटर लिस्ट गड़बड़ी, नई सूचियों को लेकर भविष्य के हालातों को लेकर हमले
- पूरे प्रदेश में सड़कों के जर्जर हाल और बढ़ती दुर्घटनाएं
- किसानों को खाद और बिजली पर्याप्त नहीं मिलने को लेकर घेराव
- ईस्टर्न कैनाल परियोजना और यमुना जल परियोजना में धीमी प्रोग्रेस को लेकर हमले
- जन हित को लेकर एक भी बड़ा काम नहीं करने वाले विभागों को लेकर घेराव
- किसानों के लिए पिछली सरकार की योजनाओं को बंद करने या ठप करने के मामले
- ऐसी बजट घोषणाएं जिन पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ
शैडो केबिनेट करेगी हमले की शुरूआत
सत्र के दौरान विपक्ष की शेडो कैबिनेट मुद्दे उठाने, सरकार को घेरने की शुरूआत करेगी।गोविंद सिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री रहे हैं। राजेंद्र पारीक उद्योग, हरेंद्र मिर्धा सार्वजनिक निर्माण विभाग, सचिन पायलट सार्वजनिक निर्माण विभाग और पंचायती राज और हरीश चौधरी राजस्व विभाग के मंत्री रहे हैं।
टीकाराम जूली सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री, अशोक चांदना खेल और युवा मामलों के मंत्री रहे हैं। शैडो केबिनेट संबंधित विभाग के मंत्रियों से सवाल कर उन्हें सवालों, आंकड़ों, मुद्दों और संबंधित प्रकरणों में घेरेंगी। इसकी जिम्मेदारी तय होने वाली है।






