बाड़मेर जिला पुलिस को पाकिस्तान सीमा से होने वाली हेरोईन तस्करी के एक बड़े प्रकरण में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने लगभग तीन साल से फरार चल रहे और ₹25,000 के इनामी अपराधी स्वरूप सिंह पुत्र सुजानसिंह राजपूत को दस्तयाब किया है। स्वरूपसिंह गांव नरसिंगार पुलिस थाना गड़रारोड़ का निवासी है, पुलिस थाना गडरारोड में एनडीपीएस एक्ट के तहत वांछित था।
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि यह गिरफ्तारी पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान के तहत वृताधिकारी वृत रामसर माना राम गर्ग के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। इस ऑपरेशन में कांस्टेबल भवानीसिंह ने असाधारण साहस का परिचय दिया। मुखबिर की सूचना पर जब आरोपी के भागने की भनक लगी, तो कांस्टेबल भवानीसिंह ने अकेले ही रेत के धोरों और नाणों में उसका पीछा किया और उसे दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी स्वरूपसिंह बकरी चराने का काम करता था, जिससे इसे बॉर्डर एरिया की अच्छी जानकारी है। बाद में यह स्थानीय तस्करों के संपर्क में आया और हेरोईन की खेप लाने के काम में शामिल हो गया। वह पाकिस्तान से हेरोईन प्राप्त कर आगे दिल्ली और पंजाब के तस्करों को सप्लाई करता था। इस प्रकरण में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने उनके पास से 312 ग्राम अधजली हेरोईन, ₹16 लाख 06 हजार 500 नकद, एक आईफोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
कोडवर्ड में होती थी बात
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि तस्कर आपस में कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे जैसे, तुम्हारा कपड़ा आ गया, सिलाई के पैसे लाओ और कपड़े ले जाओ। सप्लाई के एवज में इन्हें प्रति पैकेट ₹1 लाख तक का कमीशन मिलता था। इस नेटवर्क का प्रभाव केवल बाड़मेर तक सीमित नहीं था। हेरोईन सप्लाई के संबंध में जैसलमेर और श्री गंगानगर जिलों के चार अन्य थानों में भी मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुल लगभग 28 किलो हेरोईन बरामद की जा चुकी है।
गिरफ्तार स्वरूपसिंह 164वें इनामी अपराधी के रूप में दस्तयाब किया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार तस्कर स्वरूपसिंह से इस पूरे मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है ताकि इसके मास्टरमाइंड्स तक पहुंचा जा सके।






