डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष द्वारा SIR को लेकर लगाए गए आरोपों, एक बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत और SIR की समय सीमा बढ़ाने के सवाल पर बयान दिए।
जब डॉ. किरोड़ीलाल मीणा से पूछा गया कि क्या वह बीएलओ पर SIR के दबाव के कारण एक महीने में काम पूरा करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग करेंगे, तो मीणा ने कहा “यह मुख्यमंत्री से पूछना, यह मेरे हाथ में नहीं है।”
100 से अधिक पूर्व अधिकारियों और जजों द्वारा विपक्ष के नेताओं पर चुनाव आयोग और मतदाताओं को बदनाम करने के आरोपों के संबंध में मीणा ने कहा कि बिहार चुनाव से पहले विपक्ष ने SIR को लेकर काफी हंगामा किया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान कई फर्जी वोट सामने आए थे। अंततः परिणाम सबके सामने हैं। मीणा ने इसे लोकतंत्र की परंपरा बताते हुए लागू करने की बात कही।

SIR के दबाव में एक बीएलओ की आत्महत्या और एक अन्य बीएलओ की हार्ट अटैक से मौत के सवाल पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा,

हार्ट अटैक की घटना ‘रूटीन’ हो सकती है और इसे SIR से जोड़ा गया हो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी घटनाएं पहले कभी नहीं हुई हैं। चुनाव अधिकारी व कर्मचारी पूरी गंभीरता से अपना काम करते हैं। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया, जब एक पोलिंग बूथ पर एक कर्मचारी को अटैक आया था।






