कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एसआईआर प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बेईमानी करके कांग्रेस के समर्थन वाली एक-एक विधानसभा सीट से 20 से 25 हजार वोट काटना चाहते हैं। इसके साथ बीएलओ की लॉग इन आईडी को दूसरी जगह भी काम में लिए जाने के आरोप भी लगाए हैं। डोटासरा जयपुर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
डोटासरा ने कहा- एसआईआर में एएसडी के नाम से धांधली चल रही है। एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ यानी एएसडी। आप चुनाव आयोग में किसी से पूछना। बेईमानी करके एब्सेंट दिखा दो कि घर पर मिला ही नहीं। एब्सेंट वोटर में पूरी बेईमानी है। शिफ्टेड में 50% बेईमानी और डेथ में भी 10% बेईमानी है। ये एक-एक विधानसभा क्षेत्र से 20 से 25 हजार वोट काटना चाहते हैं।
डोटासरा ने कहा- जब सामने आएगा तो हम बता देंगे कि यह एएसडी कहां-कहां लागू हुई? किन मोहल्लों में लागू हुई। जहां कांग्रेस का वोट बैंक है, वहां एएसडी में क्या था? वहां कितनी एएसडी से नाम काटे, जोड़े और बीजेपी का ज्यादा वोट बैंक था। वहां एएसडी कितने हुए, आपको सब पता लग जाएगा।
अपनी मर्जी से एब्सेंट और शिफ्टेड दिखा रहे
डोटासरा ने कहा- चुनाव आयोग में फोन करना कि एएसडी क्या है। एब्सेंट किसे कहते हैं। जो घर पर नहीं मिलेगा वह एब्सेंट है। आदमी कोई काम धंधा करने नहीं जाएगा, उसको एब्सेंट बता देंगे। जिसे मर्जी आई उसे एब्सेंट मार्क कर देंगे। कुछ को शिफ्टेड में कर देंगे की परमानेंट शिफ्ट हो गया। आपको क्या पता लगा कौन सा सीसीटीवी कैमरा लगा रखा है कि वह शिफ्टेड है कि नहीं। उसमें भी अपनी मर्जी चलाएंगे।
कांग्रेस के बीएलए से पूछ ही नहीं रहे, एक बीएलओ ने हमारे बीएलए से संपर्क नहीं किया
डोटासरा ने कहा- हमारे बूथ लेवल एजेंट (BLA) को तो कुछ पूछ ही नहीं रहे हैं। एक भी बीएलओ ने हमारे बीएलए से कभी संपर्क नहीं किया। जब संपर्क करते हैं तो कहते हैं कि आप चिंता मत करो लास्ट में दिखा देंगे। लास्ट में क्या दिखा दोगे, वह तो ऑनलाइन भर रहे हैं। लास्ट में दिखा देंगे कि इतने एब्सेंट हैं, इतने शिफ्टेड और इतने डेड हैं। ये एएसडी लागू कर देंगे कि 35 हजार काट दिए, 40 हजार काट दिए। उसके बाद में दावे आपत्ति करते रहो, उनकी मर्जी आएगी, उसका दावा आपत्ति स्वीकार करेंगे। मर्जी नहीं होगी तो नहीं करेंगे।
बीएलओ की आईडी को बाहर से दूसरे लोग कैसे काम ले रहे हैं?
डोटासरा ने कहा- अभी क्या पता लगे ये किसको एब्सेंट दिखा रहे हैं, किसको शिफ्टेड दिखा रहे हैं? वो तो उनका सिस्टम है। एक और बेईमानी हो रही है। बीएलओ की लॉग इन आईडी को दूसरी जगह भी काम में लिया जा रहा है। बीएलओ कह रहे हैं कि मैंने इसको एड नहीं किया। यह एड कैसे हो गया? बीएलओ के अलावा बाहर से कोई उसकी लॉग इन आईडी कैसे काम ले सकता है। इस पर अभी कंफर्म नहीं हूं लेकिन इस तरह की बातें आई है।






