कृषि मंत्री डॉ. किरोडी लाल ने बुधवार को राज्य में कृषकों को उर्वरको की आपूर्ति एवं आवश्यकता अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा उर्वरकों की दैनिक उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कम उपलब्धता और अधिक खपत वाले जिलों व ब्लॉकों को चिन्हित कर प्रदेश भर में प्राथमिकता के साथ पूर्ण पारदर्शिता से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। उर्वरकों की कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारी प्रदेश भर में पूर्ण सतर्कता से कार्य कर रहे हैं।
कृषि मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निरंतर केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर प्रदेश की मांग अनुसार उर्वरकों की आपूर्ती करवाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि राज्य के किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु रबी 2025 में अक्टूबर व नवम्बर में भारत सरकार द्वारा आवंटित 7 लाख 55 हजार मैट्रिक टन यूरिया के विरुद्ध 01 अक्टूबर 2025 को उपलब्ध स्टॉक सहित अब तक 8 लाख 99 हजार मैट्रिक टन की उपलब्धता की गई है एवं 35 हजार मैट्रिक टन यूरिया परिवहन में है, जिसकी आपूर्ति आगामी 2 दिवसों में हो जायेगी। प्रदेश में वर्तमान में 1 लाख 84 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 65 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 64 हजार मैट्रिक टन एनपीके एवं 1 लाख 53 हजार मैट्रिक टन एसएसपी उर्वरकों का स्टॉक उपलब्ध है। वर्तमान में गत वर्ष की तुलना में फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक 69 हजार मैट्रिक टन अधिक है। केंद्र सरकार की ओर से यूरिया, डीएपी एव अन्य उर्वरकों का राज्यों को माहवार व कम्पनीवार आवंटन किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा प्राप्त आवंटन एवं जिलों की मांग के अनुसार जिलेवार आपूर्ति योजना तैयार कर प्रदेश में उर्वरकों का वितरण पारदर्शिता से कराया जा रहा है।
डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि अक्टूबर व नवम्बर माह में बांरा जिलें की कुल मांग 47 हजार 700 मै0टन के विरुद्व 55 हज़ार मै0टन, झालावाड में कुल मांग 44 हज़ार 300 मै0टन के विरुद्व 49 हज़ार 500 मै0टन, , बूंदी जिलें की कुल मांग 37 हजार 500 मै0टन के विरुद्व 39 हज़ार 200 मै0टन, सवाईमाधोपुर जिलें की कुल मांग 28 हज़ार 100 मै0टन के विरुद्व 37 हजार मै0टन, अलवर जिलें की कुल मांग 42 हजार 300 मै0टन के विरुद्व 47 हज़ार 200 मै0टन, भीलवाडा जिलें की कुल मांग 19 हज़ार 600 मै0टन के विरुद्व 23 हज़ार 500 मै0टन, सहित जिलों में माह अक्टूबर व नवम्बर की कुल मांग से अधिक यूरिया की उपलब्धता करवायी गई है एवं निरन्तर आपूर्ति जारी है। प्रतापगढ जिलें में धरियावद क्षैत्र सहित 2000 मै0टन यूरिया की आपूर्ति शीघ कराई जा रही है।
प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित सिफारिशानुसार ही उर्वरकों के उपयोग हेतु प्रेरित करने, उर्वरकों का समान रूप से पारदर्शिता के साथ वितरण कराने और उर्वरक वितरण में अनियमित्ता बरतने वाले विक्रेताओं, जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही हेतु समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी ने बताया कि विभाग द्वारा राज्य में प्रत्येक उर्वरक विक्रेता के विक्रय परिसर पर उर्वरकों का वितरण व प्रभावी मोनेटरिंग किये जाने हेतु विभागीय अधिकारियों, कार्मिकों की नामजद ड्यूटी लगायी गई है। किसी विक्रेता के यहां कृषकों की संख्या अधिक होने पर कृषकों को पंक्तिबद्ध किया जाकर उनकी देख-रेख में उर्वरकों का वितरण करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया गया कि राज्य के सीमावर्ती जिलों से उर्वरकों का अन्य राज्यों में परिगमन रोकने हेतु विभागीय कार्मिक एवं आवश्यकतानुसार पुलिस के सहयोग से 61 चैक पोस्ट स्थापित किये गये हैं, जिनके द्वारा नियमित निगरानी जारी है। समय-समय पर विशेष अभियान चला कर उर्वरक वितरण में जमाखोरी, कालाबाजारी, यूरिया डायवर्जन सहित अन्य अनियमितता बरतने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई है।






