अजमेर के दौराई रेलवे स्टेशन से कुछ दूर गुरुवार को भीषण हादसा सामने आया। यहां मारवाड़-अजमेर पैसेंजर ट्रेन के दो कोच डिरेल हो गए। ट्रेन का एक कोच दूसरे कोच के ऊपर चढ़ गया।
हादसे में कई यात्री घायल हो गए और कैजुअल्टी भी हुई। सूचना पर रेलवे प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई।
आनन-फानन में तमाम विभागों के अधिकारी और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंची, जहां पहुंचने पर उन्होंने राहत की सांस ली। क्योंकि यह भीषण हादसा एक मॉकड्रिल था।

गुरुवार सुबह मारवाड़ अजमेर पैसेंजर ट्रेन के दो जनरल कोच दौराई रेलवे स्टेशन से पहले डिरेल हो गए। कंट्रोल को सूचना मिलने पर हड़कंप मच गया। रेलवे प्रशासन के साथ ही आरपीएफ, जीआरपी थाना पुलिस और रेलवे प्रशासन मौके पर पहुंचा। इसके बाद इसकी सूचना एनडीआरएफ को दी गई। एनडीआरएफ की टीम ने रेलवे प्रशासन के साथ अपना रेस्क्यू शुरू किया।
कुछ देर में कोच में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया। हादसे में दर्जनों यात्री घायल हुए। इसके साथ ही कई कैजुअल्टी भी हुई। घायलों को मौके पर प्रारंभिक उपचार देकर अस्पताल भिजवाया गया।
हालांकि यह भीषण हादसा बाद में रेलवे और एनडीआरएफ के द्वारा संयुक्त रूप से किए गए मॉकड्रिल में बदल गया। इस मौके पर रेलवे के डीआरएम, एडीआरएम के साथ ही एनडीआरएफ अधिकारी और रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

डीआरएम राजू भूतड़ा ने बताया कि नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की हर साल एक एक्सरसाइज की जाती है। जिसमें रेलवे की हर गंभीर दुर्घटना को बारीकी से चेक किया जाता है। इस मॉकड्रिल में घायलों को किस तरह से रेस्क्यू करना और बॉडी निकालनी है, उन सब की एक्सरसाइज की जाती है।
इस दौरान रेस्क्यू वर्कर्स की स्किल को चेक किया जाता है। उन्हें इस दौरान ट्रेनिंग भी दी जाती है। यहां रेलवे के इक्विपमेंट को भी चेक किया जाता है। इसी के तहत आज यह मॉकड्रिल की गई है।






