मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के एचसीएम रीपा में आयोजित राज्य स्तरीय लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में 60 लखपति दीदियों के साथ संवाद किया।उन्होंने लाभार्थी महिलाओं की आत्मनिर्भरता की यात्रा के अनुभवों को समझा और उनका उत्साहवर्धन किया।लखपति दीदियों ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि राजीविका से उनके सपनों को नए पंख लगे हैं और इससे महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर घर का ताज बन रही हैं।
दौसा जिले की दिनेश कंवर ने बताया कि वे बैंक सखी के रूप में कार्य कर रही हैं तथा जल्द ही वे बाजरे के बिस्कुट का व्यवसाय भी शुरू करने जा रही है। वे स्थानीय क्षेत्र के साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी अपना व्यवसाय करेंगी। इसी तरह गीता बैरवा ने बताया कि उन्हें पहले घर से निकलने में भी झिझक होती थी, लेकिन राजीविका से जुड़ने के बाद उनका मनोबल बढ़ा है और उनकी 20 से 25 हजार प्रतिमाह की आमदनी भी होने लगी है। दौसा की ललीता देवी ने बताया कि उन्होंने मजदूरी छोड़कर मसालों का काम शुरू किया और इस व्यवसाय से उनकी 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह आय हो रही है।

साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जयपुर की इन्द्रा देवी ने बताया कि वे लम्बे समय से राजीविका से जुड़ी हुई हैं और वे अन्य महिलाओं को भी इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। जयपुर की अर्चना गुर्जर ने कहा कि राजीविका से जुड़कर उन्हें एक नई पहचान मिली है तथा अब उन्हें गांव में खुद के नाम से जाना जाता है।उन्होंने कहा कि उनके व्यवसाय में अब उनके परिवार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। राजकुमारी शर्मा ने बताया कि उन्होंने क्लस्टर कॉर्डिनेटर के रूप में काम किया है तथा अभी पोषण सखी के रूप में कार्य कर रही है। वे महिलाओं को पार्लर के व्यवसाय से भी जोड़ रही हैं।उन्होंने लखपति दीदी योजना के लिए केन्द्र व राज्य सरकार का आभार जताया।
राजीविका से जुड़ी महिलाएं इस कड़ी को आगे बढ़ाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है।उन्होंने आह्वान किया कि राजीविका से जुड़ी महिलाएं इस कड़ी में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जोड़ें।हमारी सरकार महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने वालों को प्रोत्साहित करेगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने मुख्य कार्यक्रम में वीसी के माध्यम से विभिन्न जिलों की लाभार्थियों से भी संवाद किया।अलवर जिले से शारदा ने बताया कि वे राजीविका के माध्यम से 2 लाख रुपये वार्षिक कमा रही हैं।वहीं गीता देवी ने बताया कि उन्होंने ऋण लेकर पहले पढ़ाई पूरी की और उसके बाद मसाले का काम शुरू किया है, जिससे उनकी 10 हजार रुपये प्रतिमाह आय हो रही है।

इसी तरह बांसवाड़ा की निर्मला ने बताया कि वे क्लस्टर कॉर्डिनेटर के रूप में कार्य कर लगभग 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हैं।बाड़मेर की लता कुमारी ने बताया कि पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी,लेकिन राजीविका से जुड़ने के बाद वे स्वयं के व्यवसाय के साथ ही पति के व्यवसाय में भी सहयोग कर रही है।राजसमंद की निर्मला एवं उदयपुर की संगीता ने बताया कि वे राजीविका के माध्यम से अपने परिवार का संबल बन रही हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रेया गुहा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।






