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देश का भरोसेमंद वैकल्पिक एयरपोर्ट बना जयपुर:अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा,एक महीने में 79 फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट; हर मौसम में संचालन के लिए फिट

जयपुर एयरपोर्ट ने इस बार फ्लाइट डाइवर्जन के मामले में अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। आधुनिक तकनीक और बेहतर लैंडिंग सुविधाओं के चलते जयपुर एयरपोर्ट देश के प्रमुख वैकल्पिक एयरपोर्ट के रूप में उभरकर सामने आया है।

पिछले साल दिसंबर से फरवरी के तीन महीनों में कुल 80 फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट हुई थीं, जबकि इस साल सिर्फ दिसंबर महीने में ही 79 फ्लाइट्स जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट की गई हैं। जिसके बाद अब खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के दौरान जयपुर एयरपोर्ट की निर्भरता देशभर में लगातार बढ़ रही है।

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिसंबर में 79 फ्लाइट्स को दूसरे शहरों से जयपुर डायवर्ट किया गया
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दिसंबर में 79 फ्लाइट्स को दूसरे शहरों से जयपुर डायवर्ट किया गया

दरअसल, दिसंबर में दिल्ली, लखनऊ, देहरादून, चंडीगढ़ और अमृतसर जैसे एयरपोर्ट्स से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट की गई। इनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की फ्लाइट्स शामिल रही। इसके अलावा चार्टर और कार्गो फ्लाइट्स को भी सुरक्षित लैंडिंग के लिए जयपुर एयरपोर्ट पर उतारा गया। दिसंबर महीने में 70 घरेलू और 9 अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स जयपुर एयरपोर्ट पर सफलता पूर्वक डायवर्ट की गई।

घने कोहरे और खराब मौसम के दौरान भी जयपुर एयरपोर्ट उड़ानों के लिए भरोसेमंद साबित हो रहा है।
घने कोहरे और खराब मौसम के दौरान भी जयपुर एयरपोर्ट उड़ानों के लिए भरोसेमंद साबित हो रहा है।

एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, जयपुर एयरपोर्ट पर उपलब्ध एडवांस तकनीक इसका सबसे बड़ा कारण है। CAT III ILS (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) और एडवांस अप्रोच लाइटिंग सिस्टम की वजह से कम विजिबिलिटी में भी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो पाती है। यही कारण है कि घने कोहरे और खराब मौसम के दौरान भी जयपुर एयरपोर्ट संचालन के लिहाज से भरोसेमंद साबित हुआ है।

पिछले साल दिसंबर से फरवरी के तीन महीनों में 80 फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट की गई, इस बार ये आंकड़ा एक महीने में ही टच कर गया।
पिछले साल दिसंबर से फरवरी के तीन महीनों में 80 फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट की गई, इस बार ये आंकड़ा एक महीने में ही टच कर गया।

एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि टेक्नोलॉजी के साथ-साथ प्रशिक्षित स्टाफ और बेहतर समन्वय भी डायवर्जन संचालन को सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में जयपुर एयरपोर्ट की क्षमताओं को और मजबूत किया जाएगा, ताकि यात्रियों और एयरलाइंस को बेहतर सुविधा मिल सके।

जयपुर एयरपोर्ट का यह रिकॉर्ड न सिर्फ राजस्थान बल्कि, देश के अलग – अलग राज्यों के एयरपोर्ट नक्शे पर उसकी बढ़ती अहमियत को भी बता रहा है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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