साइबर पुलिस थाना, पुलिस आयुक्तालय जयपुर द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जा रही संगठित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया गया है तथा अभी तक दो अभियुक्तो को गिरफ्तार किया जा चुका है अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस आयुक्त जयपुर सचिन मित्तल, आईपीएस ने बताया कि जयपुर पुलिस ऑनलाइन साइबर वित्तीय धोखाधड़ी एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से संबंधित अपराधों के त्वरित, प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृद्ध अन्वेषण तथा पीड़ितों को समयबद्ध सहायता प्रदान करने हेतु प्रतिवद्ध है। इसी क्रम में उन्नत आपराधिक आसूचना (Advanced Criminal Intelligence) के दौरान की गई सत्यापन प्रक्रिया में प्राप्त ठोस एवं विश्वसनीय आसूचना के आधार पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे Flipkart, Amazon, Swiggy, Zepto एवं Blinkit के माध्यम से की जा रही साइबर ठगी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की गई।
विशेष पुलिस आयुक्त जयपुर राहुल प्रकाश, आईपीएस ने बताया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से संबंधित साइबर अपराधों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मनीष अग्रवाल, आईपीएस के निर्देशन में साइबर पुलिस थाना को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए तथा आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी एवं नेटवर्क विघटन हेतु विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) अभिजीत सिंह, आईपीएस के नेतृत्व एवं चन्द्र प्रकाश, एसीपी, साइबर सेवा के निर्देशन में गठित टीम द्वारा की गई उन्नत आपराधिक जांच एवं सत्यापन के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि आरोपीगण आम नागरिकों को फर्जी/मैलिशियस लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन को अनधिकृत रूप से हैक करते थे। हैक किए गए मोबाइल फोन के माध्यम से पीड़ित व्यक्तियों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड विवरण का दुरुपयोग कर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर महंगे सामान एवं मोबाइल फोन के ऑर्डर किए जाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपीगण वर्ड-पार्टी एप्लिकेशन एवं डिजिटल पहचान चोरी (Digital Identity Theft) के माध्यम से पीड़ितों के क्रेडिट/डेबिट कार्ड का अनधिकृत उपयोग करते हुए भुगतान करते थे तथा Flipkart Minute जैसी त्वरित डिलीवरी सेवाओं का दुरुपयोग कर अत्यल्प समय में सामान प्राप्त कर लेते थे। साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त मोबाइल फोन को नेपाल के रास्ते अन्य देशों में भेजे जाने के तथ्य भी प्रकाश में आए हैं।
उक्त तथ्यों के आधार पर साइबर पुलिस थाना, पुलिस आयुक्तालय जयपुर में प्रकरण संख्या 191/2025, धारा 318(4), 319(2), 316(2), 61(2) (b) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 43/66, 668, 66C, 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर गहन अनुसंधान किया जा रहा है।
अनुसंधान में यह भी सामने आया है कि आरोपीगण पुलिस जांच से बचने एवं वित्तीय लेन-देन को छुपाने के उद्देश्य से क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से आपसी लेन-देन करते थे। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह होने की प्रबल संभावना है, जिसकी जांच बहु-स्तरीय एवं तकनीकी दृष्टिकोण से की जा रही है।
पूर्व से गिरफ्तार अभियुक्त अमोल चोपड़ा को दो दिन के पुलिस अभिरक्षा रिमांड के बाद अवकाशकालीन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसको न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अन्य अभियुक्त सक्षम खण्डेलवाल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहाँ अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर दो दिवस का पुलिस अभिरक्षा रिमांड स्वीकृत किया गया है। प्रकरण में संलिप्त अन्य संदिग्ध की तलाश निरंतर जारी है, साथ ही डिजिटल, वित्तीय एवं अंतरराष्ट्रीय लिंक की गहन जांच की जा रही है।
गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण
1.अमोल चौपड़ा पुत्र प्रवेश चौपड़ा, निवासी वार्ड नंबर 22, गुरुद्वारा रोड, मानव मंदिर चौक, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़।
2.सक्षम खण्डेलवाल पुत्र राजेन्द्र खण्डेलवाल, निवासी फ्लेट नम्बर 602, डी ब्लॉक, मेवाड अपार्टमेंट, हल्दीघाटी मार्ग, प्रताप नगर, जयपुर
पुलिस टीम
1.रामधन पुलिस निरीक्षक
2.सीताराम – सहायक उप निरीक्षक
3.ओमप्रकाश सहायक उप निरीक्षक एवं साइबर कमांडो (आसूचना संकलन व तकनीकी अनुसंधान में विशेष योगदान)
4.संजय कुमार हेड कांस्टेबल 2049
5.प्रदीप कुमार – कांस्टेबल 10881
6.भूप सिंह कांस्टेबल 11251
जयपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील
Raj Cop Citizen App एवं Sanchaar Saathi App Chakshu, CEIR, TAFCOP फीचर्स का उपयोग अनिवार्य रूप से करें। जयपुर पुलिस साइबर वित्तीय अपराधों, ई-कॉमर्स फ्रॉड एवं वर्चुअल करेंसी (क्रिप्टोकरेंसी) से संबंधित अपराधों में आपकी सहायता हेतु पूर्णतः सक्षम एवं प्रतिबद्ध है। साइबर सुरक्षा से संबंधित अद्यतन जानकारी हेतु 14C के “Cyber Dost” से जुड़े रहें।





