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हॉस्पिटल से बाहर की दवा लिखी तो खैर नहीं:स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी डॉक्टर्स को जारी किए आदेश

राजस्थान में सरकारी हॉस्पिटल (जिला हॉस्पिटल, उप जिला हॉस्पिटल, सैटेलाइट, सीएचसी, पीएचसी) में आने वाले मरीजों को सरकार फ्री दवाइयां दे रही है। इसके बावजूद कई डॉक्टर कमीशन के कारण अनिवार्य दवा सूची (EDL) से हटके दूसरे ब्रांड की दवाइयां मरीजों को लिख रहे हैं।

ऐसे डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी नोटिस जारी किया है। साथ ही सख्त हिदायत दी कि अगर इन निर्देशों के बाद भी कोई डॉक्टर बाहरी दवा लिखता है और उसकी सूचना, शिकायत निदेशालय में आती है तो उसके खिलाफ राजस्थान सेवा नियम 1958 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग के निदेशक रवि प्रकाश शर्मा की तरफ से जारी आदेशों में बताया- कि सरकार प्रदेश के लोगों के लिए जरूरी दवाईयों को नि:शुल्क दवा योजना के तहत सभी राजकीय हॉस्पिटलों में फ्री उपलब्ध करवा रही है।

अगर किसी हॉस्पिटल में फ्री दवा के स्टॉक में अगर दवाइयां खत्म हो गई तो उनको स्थानीय स्तर पर हॉस्पिटल प्रशासन खरीद करके मरीजों को फ्री उपलब्ध करवा रहा है। लेकिन संज्ञान में ये आ रहा है कि इतना सब होने के बावजूद कई जिलों में सरकारी हॉस्पिटलों में कार्यरत डॉक्टर वहां आने वाले मरीजों को बाहर की दवाइयां लिख रहे हैं।

पीएचसी स्तर पर 500 से ज्यादा दवाइयां शामिल

राज्य सरकार की तरफ से अभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) स्तर पर ही अनिवार्य दवाइयां सूची (EDL) के तहत 500 से ज्यादा दवाइयां सप्लाई करती है, जो मरीजों को दी जाती है। इसमें 80 से ज्यादा सर्जिकल दवाइयां है। इसके अलावा जिला हॉस्पिटल के स्तर पर 850 से ज्यादा दवाइयां EDL के तहत सप्लाई की जाती हैं। जबकि सीएचसी स्तर पर 700 से ज्यादा और मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के स्तर पर 800 से ज्यादा दवाइयां दी जाती हैं।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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