भारतीय विदेश सेवा- 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने में डिजिटलाइजेशन का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा कि तकनीक का प्रयोग राजकार्य की प्रक्रिया को न केवल सरल बनाता है, बल्कि इससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और शुद्धता भी आती है। प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नवीन विचारों और खोजपरक दृष्टि से आप जैसे युवा आमजन के जीवन में बहुत परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने प्रदेश के बारे में बताया कि राजस्थान देश-विदेश में एक प्रसिद्ध पर्यटक हब के रूप में विकसित है तथा यहां सौर ऊर्जा की भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों का परिचय लेते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण में उनसे बातचीत की तथा उनके पूरे विजिट कार्यक्रम की जानकारी भी ली। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आमजन की समस्या के समाधान के लिए संचालित 181 हेल्पलाइन का उदाहरण देते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से आम नागरिकों की शिकायतों का समाधान नियत समय पर किया जाता है, जिससे सरकार की जवाबदेही तय होने के साथ-साथ लोगों में सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ने अपने कार्यकाल के दौरान हुए व्यक्तिगत अनुभवों को भी प्रशिक्षु अधिकारियों से साझा किया। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को इतिहास, भूगोल तथा प्रेरणात्मक किताबें पढ़ने का सुझाव देने के साथ ही उन्हें रोज लिखने की आदत बनाने को भी कहा। अंत में उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।






