मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में कैबिनेट सचिव (समन्वय) डॉ. मनोज गोविल के साथ ʻकंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2ʼ क्रियान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ ही राज्य सरकार के संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान इस बात पर चर्चा की गई कि राज्य में व्यापार और उद्योग स्थापना के सरलीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को कैसे और बेहतर किया जा सके।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के लिए पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। भारत सरकार के कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-1 में चिन्हित सभी 23 प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य सरकार ने बेहतर कार्य किया है। राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों और योजनाओं के कारण राइजिंग राजस्थान के तहत किए गए कुल 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से एक साल में ही 8 लाख करोड़ रुपये के समझौतों पर काम शुरू हो गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस दूसरे चरण में भी राजस्थान बेहतर कार्य करेगा।
कैबिनेट सचिवालय के सचिव (समन्वय), डॉ. गोविल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन की दिशा में किए गए व्यापक सुधार देश के प्रशासनिक और आर्थिक ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत हैं। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक नियमों, जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त कर नागरिकों, उद्योगों और उद्यमियों के लिए सुगम और प्रभावी व्यवस्था तैयार कर सेवाओं की गति और गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करना है। इसके सफल क्रियान्वयन से व्यवसायों को बार-बार अनुमति लेने, दस्तावेज़ जमा करने और निरीक्षण की जटिलताओं से राहत मिलेगी और स्टार्टअप्स, एमएसएमई और नए उद्यमियों के लिए यह सुधार लाभकारी सिद्ध होगा। साथ ही, इससे उनके समय, लागत और संसाधनों की बचत भी सुनिश्चित हो सकेगी। राजस्थान ने इसके पहले चरण में काफी बेहतर कार्य किया था। इसके तहत निर्धारित सभी 23 क्षेत्रों में राज्य सरकार ने कार्य पूरा कर लिया है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने कहा कि राज्य में निवेश प्रक्रिया को काफी सरल बनाया गया है। संपूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। कई कानूनों और प्रावधानों में संशोधन भी किया गया है। इसी कारण आज राजस्थान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शुमार है। इन व्यापक और दूरदर्शी सुधारों के माध्यम से राजस्थान ने ʻकंप्लायंस रिडक्शन, डी-रेगुलेशन में अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि फेज-2 के तहत निर्धारित लक्ष्यों में से कुछ कार्यों को राज्य सरकार ने पहले ही सरल कर दिया है। साथ ही, कुछ प्रक्रियाओं को सरल करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। अब दूसरे चरण में भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर एक विस्तृत कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि फेज-2 के तहत भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण, यूटिलिटीज़ और विभिन्न अनुमतियां, विद्युत, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े उद्योग स्थापित करने से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया गया है।
इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, दिनेश कुमार सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।





