बार कौंसिल ऑफ राजस्थान (बीसीआर) ने रजिस्ट्रेशन के लिए आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी को जानबूझकर छिपाने वाले व्यक्ति गोवर्धन सिंह परिहार का नाम एडवोकेट ऑन रोल से हटा दिया है।
बीसीआर ने यह कार्रवाई बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देश पर की है। बीसीआई व बीसीआर की इस कार्रवाई के बाद गोवर्धन अपने नाम के साथ में एडवोकेट शब्द का उपयोग नहीं कर पाएगा। इस संबंध में बीसीआर की ओर से बीसीआई के समक्ष रेफरेंस दायर किया था।
जिस पर बीसीआई ने बीसीआर के रेफरेंस को स्वीकार करते हुए फैसले में कहा कि मामले के तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए बीसीआर के सचिव को यह निर्देश देना उचित होगा कि वह अपने रोल से तत्काल गोवर्धन सिंह परिहार का नाम हटाए।
उधर, स्पेशल पीपी को न्याय में देरी पर डीजीपी ने जानकारी मांगी है। बीसीआई के आदेश में कहा कि बीसीआर के सचिव ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि गोवर्धन सिंह ने बीसीआर में रजिस्ट्रेशन के समय उसके खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केसों की जानकारी को जानबूझकर छिपाया था।
बीसीआर के नियमों के अनुसार उसे क्रिमिनल केसों की जानकारी देना जरूरी था। जबकि उसके खिलाफ जयपुर के विभिन्न पुलिस थानों सहित अन्य जगहों पर 24 क्रिमिनल केस दर्ज थे।
इनमें से कई केसों में अनुसंधान जारी थी। बता दें कि गोवर्धन सीएम, पूर्व सीएम, डीजीपी समेत बड़े लोगों के खिलाफ लगातार फर्जी वीडियो बना रहा है।
3 सदस्यीय कमेटी ने हटाया गोवर्धन सिंह का नाम
गोवर्धन सिंह की सनद रद्द करने व नाम एनरोलमेंट से हटाने से जुड़े मामले में बीसीआई ने रिमूवल कमेटी में बीसीआर का रेफरेंस तय होने तक किसी भी कोर्ट में उसकी वकालत पर पाबंदी को बरकरार रखा था।
यह निर्देश गोवर्धन सिंह की रिवीजन याचिका को निस्तारित करते हुए दिया था। याचिका में गोवर्धन सिंह ने बीसीआर के 24 अप्रैल 2023 के उस निर्णय को चुनौती दी थी।
जिसमें बीसीआर की तीन सदस्यीय तत्कालीन एएजी चिरंजीलाल सैनी, नवरंग सिंह चौधरी व रामप्रसाद सिंगारिया की कमेटी ने उसकी सनद रद्द कर उसका नाम बीसीआर की एनरोलमेंट लिस्ट से हटाया था।
वही, बीसीआर की अनुशासनात्मक कमेटी के निर्णय को चुनौती देने वाली गोवर्धन सिंह की अपील बीसीआई में पेंडिंग चल रही है।
तत्कालीन एसीपी डॉ. संध्या ने की थी बीसीआर में शिकायत
मामले से जुड़े विशेष लोक अभियोजक अनिल चौधरी ने बताया कि गोवर्धन सिंह के खिलाफ सदर थाने की तत्कालीन एसीपी डॉ. संध्या यादव सहित हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने बीसीआर में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में कहा था कि गोवर्धन सिंह ने बीसीआर में वकालत के लिए एनरोलमेंट कराने के दौरान तथ्य छिपाए और उसके खिलाफ दर्ज केसों की जानकारी बीसीआर को नहीं दी थी।
ऐसे में उसके खिलाफ दुराचरण व तथ्य छिपाने का आरोप था। जिस पर बीसीआर ने 25 जून 2022 को गोवर्धन सिंह के वकालत करने पर पाबंदी लगा दी थी और बाद में उसकी सनद रद्द कर उसका नाम एनरोलमेंट से हटा दिया था।
नाम के साथ एडवोकेट नहीं लगा सकेगा- चेयरमैन
बीसीआर के चेयरमैन भुवनेश शर्मा ने बताया कि- बीसीआई के निर्देश पर गोवर्धन सिंह का नाम बीसीआर के एडवोकेट ऑन रोल से हटा दिया है। अब वह एडवोकेट शब्द का उपयोग अपने नाम के साथ नहीं कर सकता।






