भरतपुर में छुट्टी लेकर घर आ रहे अग्निवीर का शव झाड़ियों में पड़ा मिला। जिस जगह शव मिला, वहां से अग्निवीर का घर महज 3 किलोमीटर दूर है। मामला चिकसाना थाना क्षेत्र के पीपला गांव का रात करीब 12 बजे का है।
अग्निवीर पुष्पेंद्र (22) सियाचिन में पोस्टेड थे। वे तीन महीने बाद घर लौट रहे थे। रात करीब 7 बजे पुष्पेंद्र ने पिता को फोन कर कहा था कि वह डेढ़ घंटे में घर पहुंच जाएगा।
जब पुष्पेंद्र घर नहीं पहुंचा तो घरवाले और ग्रामीण उसे ढूंढने निकले, तो उसका शव झाड़ियों में पड़ा था। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी।

घर नहीं पहुंचा, फोन भी स्विच ऑफ हो गया पुष्पेंद्र के ताऊ शेर सिंह ने बताया- भतीजे पुष्पेंद्र की गुरुवार को उसके पिता विजय सिंह से फोन पर बार-बार बात हो रही थी। वह फ्लाइट से दिल्ली आया था।
गुरुवार शाम 7 बजे उसने पिता विजय सिंह को कॉल कर कहा था कि वह मथुरा (उत्तर प्रदेश) पहुंच गया है। डेढ़ घंटे में घर पहुंच जाएगा।
जब रात 10 बजे तक वह घर नहीं पहुंचा तो घर वाले चिंता करने लगे। उसे कॉल भी किया, लेकिन दो घंटे बाद उसका फोन भी स्विच ऑफ हो गया।
गांव वालों के साथ ढूंढने गए पिता-भाई इस बीच परिजनों ने इसकी जानकारी गांव के लोगों को दी। पुष्पेंद्र के पिता विजय सिंह और बड़ा भाई रूपेंद्र गांव वालों के साथ उसे ढूंढने निकले।
सभी रात में पीपला गांव के बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन पुष्पेंद्र के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। पुष्पेंद्र का गांव राजस्थान-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर है।
जब सभी लोग दोबारा गांव की तरफ आ रहे थे तो एक युवक सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला। जब उसके पास जाकर देखा तो पता चला कि वह पुष्पेंद्र है।
रात 12 बजे बाद उसे लेकर भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर यूपी पुलिस भी आरबीएम हॉस्पिटल पहुंची।
गांव के लोगों ने बताया कि जहां पुष्पेंद्र का शव मिला, वहां काफी खून फैला हुआ था।
तीन साल पहले हुए थे भर्ती पुष्पेंद्र तीन साल पहले सेना में अग्निवीर भर्ती हुए थे। पुष्पेंद्र की शादी नहीं हुई थी। पुष्पेंद्र के भाई रूपेंद्र की पीपला बस स्टैंड के पास परचून की दुकान है। छोटी बहन 18 साल की है। पिता विजय सिंह किसान हैं।






