नागौर जिले में खसरा-रूबेला जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा ‘मिशन अगेंस्ट खसरा-रूबेला’ प्रभावी रूप से जारी है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में यह अभियान कई सहयोगी विभागों के समन्वय से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागौर के नौनिहालों को सुरक्षित एवं स्वस्थ रखना है।
इस अभियान में 7 डॉक्टर, 16 एएनएम, 200 नर्सिंग प्रशिक्षणार्थी और 54 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी के साथ मैदान में डटे हुए हैं। टीम का लक्ष्य घर-घर पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर खसरा-रूबेला के संभावित मामलों की पहचान करना है।
सुबह जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में स्थापित वार रूम से तैयार रूटचार्ट के अनुसार टीमें रवाना होती हैं और उन घरों तक पहुंचती हैं, जहां छोटे बच्चे रहते हैं। चिकित्सकों के निर्देशन में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा नर्सिंग प्रशिक्षणार्थी बच्चों की जांच करते हैं। जांच के दौरान यदि किसी बच्चे में खसरा-रूबेला के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे मौके पर ही विटामिन ए की दवा पिलाकर रजिस्टर में दर्ज किया जाता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी ने बताया कि जिला कलक्टर चंपालाल जीनगर के मार्गदर्शन में इस अभियान की सतत मॉनिटरिंग जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा तथा उपखंड अधिकारी गोविंद सिंह भींचर द्वारा की जा रही है। अभियान में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. मुनेंद्र शर्मा एवं उनकी टीम तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेश वर्मा ने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों में नागौर शहर में टीम हेल्थ नागौर द्वारा 4 हजार से अधिक घरों में दस्तक देकर 7 हजार से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई।
वार रूम में हुई समीक्षा बैठक
घर-घर सर्वे के बाद अभियान की प्रगति को लेकर बुधवार शाम वार रूम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक WHO के एसएमओ डॉ. मुनेंद्र शर्मा एवं आरआई कोऑर्डिनेटर जाकिर खान द्वारा ली गई, जिसमें अब तक की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा कर आगामी पांच दिनों की कार्ययोजना को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्वयक डॉ. शुभकरण धोलिया व ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक प्रेम प्रकाश मौजूद रहे.






