विधानसभा में आज शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने सरकार पर आरक्षण छीनने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत सरकार ने 1997 में आरक्षण का रोस्टर लागू करने का प्रावधान किया था। बीते दो साल की भर्तियों में इसका असर दिख रहा है।
सदन की कार्रवाई आज सीधे शून्यकाल से शुरू हुई। इससे पहले स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अफसरों के नदारद रहने को लेकर नाराजगी भी जताई।
उन्होंने संसदीय मंत्री से भी अफसरों की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल किया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के जवाब पर कहा कि- ये केवल आश्वासन देते हैं।
राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का आखिरी दिन है। बजट बहस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का भाषण होगा। इसके बाद सीएम भजनलाल शर्मा अभिभाषण पर बहस का जवाब देंगे।

व्यवस्था सुधारने की हिदायत दी
विधानसभा में आज शून्यकाल के दौरान अफसर गैलरी से दो को छोड़ कोई अफसर मौजूद नहीं था। अफसरों के नदारद रहने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने नाराजगी जाहिर करते हुए व्यवस्था को सुधारने की हिदायत दी।
स्पीकर शून्यकाल में उठाए जाने वाले मुद्दों पर जानकारी दे रहे थे, इसी दौरान उन्होंने देखा कि अफसर गैलरी खाली है। स्पीकर ने संसदीय कार्यमंत्री से कहा कि- मैंने पहले भी इसको को लेकर निर्देश दिए थे। मंत्री ने कहा कि- आगे से ऐसी गलती नहीं होगी।
खेजड़ी समेत कई मुद्दों को उठाएंगे नेता प्रतिपक्ष
पिछले दो दिनों से सदन में ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ का मुद्दा उठ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कल (4 फरवरी) भी सदन में कहा था कि’खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ में धरने पर बैठे साधु-संतों तक से सरकार ने बात नहीं की है।
आज भी वे अपने भाषण के दौरान इस मुद्दे को उठाएंगे। इसके अलावा पेपरलीक, कांग्रेस सरकार की योजनाओं को कमजोर करने, गहलोत राज के आखिरी 6 महीनों के रिव्यू पर बनी कमेटी की रिपोर्ट नहीं आने, सरकार की विफलताओं का मुद्दा उठाया जाएगा।






