पूर्व विधायक और जयपुर के पूर्व मेयर अशोक लाहोटी पर 2001 में हुए जानलेवा हमले के 11 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। जयपुर की एसीएमएम-3 कोर्ट ने आरोप प्रमाणित नहीं मानते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
आरोपियों के अधिवक्ता नीतेश बंधू शर्मा ने बताया कि 2001 में अशोक लाहोटी राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनका यूनिवर्सिटी कैंपस में कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था।
आरोप था कि विक्रम सिंह शेखावत, भारत सिंह शेखावत, लालाराम, उम्मेद सिंह, हरिगोपाल, दिलीप, दिनेश, योगेंद्र शर्मा, राजेंद्र जाट, उमाशंकर और मुकेश ने लाहोटी पर गणपति प्लाजा पर 1 मार्च 2001 को तलवारों, सरियों और लाठियों से जानलेवा हमला किया था। हालांकि लाहोटी इस हमले में बाल-बाल बच गए थे।
पुलिस ने नहीं माना था हत्या के प्रयास का आरोप पुलिस ने आरोपियेां के खिलाफ जानलेवा हमले के आरोप को प्रमाणित नहीं माना था और मारपीट के आरोप में चालान पेश कर दिया था। मामले के एक आरोपी मुकेश की मौत हो चुकी है। ट्रायल के बाद एसीएमएम-3 ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।






