भीलवाड़ा में शराब की गंध वाला खतरनाक केमिकल पीने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5वें का इलाज चल रहा है। जिस केमिकल को पीने से मौतें हुई, वो शादी के घर से चुराकर लाया गया था।
शादी के घर से चुराकर लाई बोतलों को खोलते ही शराब की गंध आई तो इन लोगों ने इसे शराब समझकर पी लिया। पेट में जाते ही केमिकल जहर बन गया और सभी की तबीयत खराब हो गई। सबको पहले चक्कर आए, फिर उल्टी करने लगे। थोड़ी देर बाद नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) डैमेज होने से 4 लोगों ने दम तोड़ दिया।
पुलिस और FSL की शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिन बोतलों को शराब समझकर चुराया था, उनमें शराब नहीं थी। उनमें मेथनॉल कार्बनिक सॉल्ट केमिकल भरा था। इसका इस्तेमाल फ्यूल यानी ईंधन के रूप में किया जाता है।
पहले पढ़िए पूरा मामला

चोरी-छिपे 4 बोतल चुराकर घर लाए थे घटना में जान गंवाने वाली बादामी की देवरानी सीता देवी ने गंगापुर थाने में रिपोर्ट दी है। उसने बताया- आलोली गांव (गंगापुर) में 10 फरवरी को शादी के कार्यक्रम में बर्तनों की सफाई का काम करने गए थे। वहां से 4 प्लास्टिक की बोतलें चुराकर लाए थे, जिनमें लिक्विड भरा हुआ था और उसमें शराब जैसी महक आ रही थी।
इन बोतलों को सुशीला ने घर में छुपा दिया था। 12 फरवरी की शाम सुशीला (40) पत्नी रतनलाल, बादामी (60) पत्नी जानकीलाल, जमनी देवी (60) पत्नी शंकर कंजर, सनू (22) पत्नी पप्पू लाल कंजर और रतनलाल (42) पुत्र मिश्रीलाल कंजर ने शराब समझकर बोतलों में भरा लिक्विड पी लिया।
कुछ ही देर बाद पांचों की तबीयत खराब हो गई और सभी उल्टी करने लगे। सभी को गंगापुर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां जमनी, रतन लाल और उसकी पत्नी सुशीला की मौत हो गई, जबकि बादामी और सनू को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।
भीलवाड़ा जाते समय रास्ते में बादामी ने भी दम तोड़ दिया, जबकि सनू का इलाज जारी है। फिलहाल उसकी हालत गंभीर है।

घटना के बाद पुलिस ने भीलवाड़ा शहर के लक्ष्मी नारायण मंदिर रोड स्थित माहेश्वरी केमिकल्स की दुकान पर रेड डाली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह जानलेवा केमिकल इसी दुकान से खरीदा गया था।
पुलिस दुकान संचालक के स्टॉक और बेचे गए लिक्विड के नमूनों की जांच कर रही है। वहीं, FSL टीम ने भी आलोली गांव पहुंचकर मौके से केमिकल की बोतलें जब्त की है।






