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खाटूश्यामजी मेला, रींगस स्टेशन पर AI कैमरे-ड्रोन से निगरानी:450 जवान तैनात, 4000 लोगों का होल्डिंग एरिया, 20 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें

खाटूश्यामजी में चल रहे लक्खी फाल्गुन मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने रींगस रेलवे स्टेशन पर सख्त व्यवस्था लागू की है। रोजाना 60 हजार से ज्यादा की संख्या में श्रद्धालु ट्रेन से रींगस पहुंच रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पर ‘नो टिकट-नो एंट्री’ सिस्टम लागू किया गया है, ताकि प्लेटफॉर्म पर भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रहे।

जयपुर मंडल के ADRM गौरव गौड़ ने बताया- पैसेंजर्स को ट्रेन के निर्धारित समय से एक घंटे पहले ही स्टेशन परिसर में एंट्री दी जा रही है। एंट्री और एग्जिट प्वाइंट अलग-अलग किए गए हैं, ताकि भीड़ का दबाव एक जगह न बने। एंट्री गेट पर ही टिकट चेकिंग की जा रही है और बिना टिकट किसी भी यात्री को प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।

स्टेशन परिसर में होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां लगभग 4 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है।
स्टेशन परिसर में होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां लगभग 4 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है।

टिकट काउंटर और मोबाइल टिकट सिस्टम बढ़ाया गया

नॉर्मल दिनों में जहां 2 टिकट काउंटर चलता है, वहीं मेले के दौरान 7 यूटीएस काउंटर, 9 एटीवीएम और 12 मोबाइल टिकट वेंडर तैनात किए गए हैं। प्लेटफॉर्म पर बस कंडक्टर की तर्ज पर मोबाइल अनरिजर्व्ड टिकट सिस्टम लगाया गया है, जो घूम-घूमकर यात्रियों को टिकट दे रहा है, ताकि लाइन में लगने का दबाव कम हो। स्टेशन के दूसरे एंट्री गेट पर भी टिकट की सुविधा शुरू की गई है।

जयपुर DCM जगदीश चौधरी ने बताया- टिकट चेकिंग के लिए 45 स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही RPF और जीआरपी के करीब 450 जवान तैनात हैं, जो स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और अन्य संवेदनशील जगहों पर निगरानी कर रहे हैं।

रोजाना करीब 60 हजार पैसेंजर्स यहां से यात्रा कर रहे हैं।
रोजाना करीब 60 हजार पैसेंजर्स यहां से यात्रा कर रहे हैं।

डबल चेकिंग सिस्टम, ड्रोन और AI कैमरों से निगरानी

आरपीएफ सीनियर डीएससी ओंकार सिंह ने बताया- स्टेशन पर डबल चेकिंग सिस्टम लागू किया गया है। सुरक्षा के लिए 2 ड्रोन तैनात किए गए हैं। 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। कैमरों को एआई सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्लेटफॉर्म पर ही मेला कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से अधिकारी ट्रेनों की आवाजाही, भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

रोजाना 60 हजार से अधिक यात्री, 20 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 21 फरवरी से रींगस पर भीड़ बढ़नी शुरू हुई है। फिलहाल रोजाना करीब 60 हजार पैसेंजर्स यहां से यात्रा कर रहे हैं। अलग-अलग रूट पर 50 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें 20 से ज्यादा मेला स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। रेवाड़ी-रींगस और जयपुर-रींगस रूट सबसे ज्यादा व्यस्त हैं। इसके अलावा नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी जोड़े गए हैं।

50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

होल्डिंग एरिया, मेडिकल टीम और 24 घंटे मॉनिटरिंग

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेशन परिसर में होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां लगभग 4 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। यहीं मेडिकल टीम की तैनाती की गई है। स्टेशन पर 24 घंटे डॉक्टर और एंबुलेंस उपलब्ध हैं, ताकि किसी भी इमरजेंसी में तुरंत सहायता मिल सके।

जयपुर सीनियर डीसीएस पूजा मित्तल ने बताया- यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। मेले के दौरान विशेष मेला कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। वाणिज्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के 100 से अधिक कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, जो टिकट वितरण, भीड़ प्रबंधन, सफाई और पेयजल व्यवस्था देख रहे हैं।

रेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें, तय समय से पहले स्टेशन पहुंचे और कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रहे।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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