सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा है कि कभी हमने सोचा भी नहीं था, ऑपरेशन सिंदूर की हमारे कर्नल साहब बात कर रहे थे, उसका सबसे ज्यादा फायदा भी राजस्थान को मिला है। सिंधु नदी का पानी भी राजस्थान को सबसे ज्यादा मिलने वाला है। जब काम करते हैं तो ईश्वर भी साथ देता है। आपने देखा होगा पिछले साल पूरे बांध भर गए और इस बार भी पूरे बांध भर रहे हैं। इससे राजस्थान में खुशहाली आ रही है। सीएम भजनलाल शर्मा जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में एआई पर दो दिवसीय सीए सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोले रहे थे।
सीएम ने कहा – हमारे राजस्थान के लिए बिजली की आवश्यकता है। बिजली में हम किस तरह से आगे बढ़ सकते हैं। देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पानी का भी सबसे पहले एमओयू हुआ और बिजली का भी हुआ। बिजली के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रहे हैं। हमने कहा था 2027 तक हम किसान को दिन में बिजली देंगे, उद्योग को पूरी बिजली देंगे और आम आदमी को 24 घंटे बिजली देंगे।
हम बिजली लेने वाले नहीं बिजली देने वाले बनने वाले हैं
सीएम ने कहा- हमारी सरकार ने 22 महीनों में 4750 मेगावाट बिजली का उत्पादन करके दिया है। 2027 तक हम बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे। हम बिजली लेने वाले नहीं बिजली देने वाले बनने वाले हैं, लगातार उसके क्षेत्र में हमने काम किया है।
अगले महीने 15 हजार सरकारी नौकरियां और देंगे, पिछली जुलाई से अब तक 75 हजार नौकरी दे चुके हैं सीएम ने कहा- राइजिंग राजस्थान हमने किया, हमने युवाओं से वादा किया था कि हम चार लाख सरकारी नौकरी देंगे, 6 लाख हम निजी क्षेत्र में नौकरी देंगे। उस दिशा में लगातार हम काम कर रहे हैं। राइजिंग राजस्थान के एमओयू धरातल पर उतर रहे हैं, उन पर हम काम कर रहे हैं। सरकारी नौकरियों पर पहले साल हमने एक लाख नौकरियां देने की बात कही थ। हमने 75000 दे दी, अगले महीने 15000 नौकरियां और देने वाले हैं, हम 90000 तक पहुंचने वाले हैं। कुछ भर्तियां कोर्ट में अटकी हुई है, हम हर साल एक लाख नौकरी देंगे । अगले समय में हम चार लाख सरकारी नौकरियां देंगे उसे क्षेत्र में भी हम काम कर रहे हैं।
हमने शेखावाटी से बीकानेर तक प्राचीन हवेलियों के तोड़ने पर बैन लगाया,इन हवेलियों की सारसंभाल के लिए सरकार मदद करेगी
सीएम ने कहा- पर्यटन के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है। शेखावाटी से लेकर बीकानेर तक हमारी जो पुरानी हवेलियां हैं, जो हमारी धरोहर हैं हमने उनको रोका है कि कोई इनको तोड़ेगा नहीं। हमने उनको तोड़ने पर बैन लगा लिया। हम सभी राजस्थानी प्रवासियों से बात कर रहे हैं कि आप आइए और अपनी हवेलियों को संभालिए। सरकार पूरी तरह उस पर पैसा भी देगी और ग्रामीण टूरिज्म के हिसाब से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, उस क्षेत्र में भी हम काम कर रहे हैं।






