मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि विकसित भारत-2047 राज्य के विकास का रोडमैप है। इसके लिए सभी विभाग बजट घोषणाओं को धरातल पर समयबद्ध रुप से साकार करें जिससे राज्य सरकार का आमजन को बेहतर सर्विस डिलीवरी का लक्ष्य पूरा हो सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत- 2047 के सभी मध्यावधि और दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी ‘‘ की फेक्टर इंडिकेटर’’ को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनाकर उपलब्धि सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने मंगलवार को शासन सचिवालय में कौशल विकास उद्यमिता विभाग, उच्च शिक्षा, कला एवं संस्कृति, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, आयुर्वेद, सहकारिता, स्कूल शिक्षा, खेल एवं युवा मामले, मेडिकल एजुकेशन विभागों से सम्बंधित राज्य बजट घोषणाओं और विकसित भारत-2047 के इन्डिकेटर्स की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में ये निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग बजट घोषणाओं को समयबद्धता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ पूरा करें जिससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास को राज्य में साकार करने के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मिशन के अनुरूप जनकल्याण के लक्ष्य की प्राप्ति हो सके।
मुख्य सचिव ने शिक्षा सहित अन्य विभागों में कार्मिकों की गैर हाजिरी को रोकने के लिए बायोमीट्रिक अटेंडेंस और अन्य तकनीकी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जिला स्तरीय अस्पतालों की स्थिति और गत 2 वर्षों में हुए सुधार, मेडिकल कॉलेजों की संख्या, सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि द्वारा जारी किश्तों, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने समग्र शिक्षा अभियान और मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान की प्रगति से अवगत करवाया।
बैठक में कौशल विकास उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, खेल एवं युवा मामले विभाग के सचिव नीरज के. पवन, आयोजना विभाग के सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, नेशनल हेल्थ मिशन के प्रबंध निदेशक डॉ. अमित यादव उपस्थित रहे।





