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महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण एवं डिजिटल हिंसा निरोध पर केंद्रित व्यापक जागरूकता कार्यक्रम

ग्रामीण विकास विभाग, राजस्थान सरकार के अधीन राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) द्वारा आज नयी चेतना 4.0 – पहल बदलाव की जेंडर अभियान का शुभारम्भ जयपुर में किया गया। यह अभियान 25 नवम्बर से 23 दिसम्बर 2025 तक राज्यभर में संचालित होगा। इसी के साथ 16 Days of Activism Against Gender-Based Violence कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई, जिसमें डिजिटल माध्यमों में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध हिंसा की रोकथाम को मुख्य फोकस बनाया गया है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कांता सिंह, कंट्री रिप्रेजेंटेटिव, UN Women India Country Office रहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा हेतु उनके गतिशीलता, अवसरों या अभिव्यक्ति पर रोक समाधान नहीं है; बल्कि आवश्यक है कि समाज में मौजूद असमान व्यवहारों को रोका जाए। उन्होंने बढ़ते डिजिटल एब्यूज, साइबर स्टॉकिंग, एवं ऑनलाइन उत्पीड़न के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। महिलाओं को अपने अधिकारों के साथ डिजिटल सुरक्षा उपायों को सशक्त रूप से अपनाने पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक (प्रशासन) प्रीति सिंह द्वारा अभियान की संरचना, उद्देश्यों तथा कार्यान्वयन की दिशा प्रस्तुत की गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को ग्रामीण सामाजिक परिवर्तन का मूल आधार मानते हुए राजीविका द्वारा समुदाय में महिला-प्रधान नेतृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। समान भागीदारी और सम्मान पर आधारित परिवारिक निर्णय-प्रक्रिया को समावेशी विकास का केंद्र बताया गया।
अतिरिक्त निदेशक (IT&C) उमेश चंद्र जोशी द्वारा डिजिटल सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। उन्होंने साइबर अपराध की सामान्य युक्तियों जैसे — भ्रामक लिंक, फर्जी UPI रिक्वेस्ट, पहचान की चोरी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी आदि से सावधान रहने की विस्तृत जानकारी दी। ऑनलाइन माध्यमों में अत्यधिक व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने तथा सत्यापित डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की विशेषता रही की राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं- जैसे वर्षा, कंचन- द्वारा मंच पर अपने अनुभव अपनी ज़ुबानी साझा किये एवं कार्यक्रम का संचालन भी किया गया जो महिला सशक्तिकरण के प्रतिबिम्ब के रूप में सामने आये|
कार्यक्रम में UN Women, UNICEF, राजीविका तथा जिला स्तरीय प्रतिनिधियों ने भी संबोधन दिया, जिसने जेंडर अभियान की मूल भावना — जागरूकता, समानता और सुरक्षित समाज के निर्माण — को मजबूत रूप में अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं द्वारा साझा अनुभवों में बताया गया कि राजीविका के माध्यम से न केवल आर्थिक अवसर प्राप्त हुए हैं, बल्कि स्वर-अभिव्यक्ति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक नेतृत्व को भी नई दिशा मिली है। कार्यक्रम संचालन भी SHG महिला सदस्य द्वारा किया गया, जो महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की महत्वपूर्ण पहल रही।

 

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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