राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा है कि भारत में खेल कोचिंग इकोसिस्टम को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी हैं। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा गठित टास्क फोर्स की सिफारिशें देश में कोच शिक्षा, प्रत्यायन और प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा देंगी।
राठौड़ ने बताया कि टास्क फोर्स ने कोच शिक्षा और प्रत्यायन के लिए एकीकृत राष्ट्रीय ढांचा विकसित करने, कोचिंग पाठ्यक्रमों के मानकीकरण तथा जमीनी स्तर से लेकर उत्कृष्टता स्तर तक बहु-स्तरीय राष्ट्रीय कोचिंग मार्ग शुरू करने की सिफारिश की है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिलेगा और कोचिंग पेशे को अधिक पेशेवर स्वरूप प्राप्त होगा। मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने सदन में यह जानकारी दी।
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि राष्ट्रीय कोच प्रत्यायन बोर्ड (एनसीएबी) की प्रस्तावित स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है, जो कोच शिक्षा और प्रत्यायन के लिए राष्ट्रीय मानक तय करेगा, कोचिंग मार्गों की निगरानी करेगा तथा कोचों के लाइसेंसिंग और नवीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। राठौड़ ने उल्लेख किया कि बहु-स्तरीय कोचिंग मार्ग में सामुदायिक कोचों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को शामिल करने, पूर्व उत्कृष्ट खिलाड़ियों को कोचिंग से जोड़ने तथा पांच-सितारा प्रदर्शन रेटिंग प्रणाली लागू करने जैसे प्रावधान खेलों की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इन सिफारिशों का चरणबद्ध कार्यान्वयन देश में खेल कोचिंग को अधिक संगठित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाएगा, जिससे भारत के अंतरराष्ट्रीय खेल प्रदर्शन को नई ऊंचाइयाँ मिलेंगी।






