चौमूं उपखंड क्षेत्र के ग्राम चीथवाड़ी में सार्वजनिक रास्ते पर एक बिजली ट्रांसफार्मर लगाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह ट्रांसफार्मर राहगीरों और वाहन सवारों के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
चीथवाड़ी से नदी की ओर जाने वाला मार्ग और मीठा कुआं–वीर तेजाजी रोड ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। इसी सार्वजनिक मार्ग की नाली के ऊपर विद्युत निगम द्वारा पोल लगाकर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
इस मामले को लेकर ग्राम निवासी और राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर के अधिवक्ता विकास चौधरी ने तहसील कार्यालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। उन्होंने आम रास्ते से बिजली ट्रांसफार्मर हटवाने की मांग की थी।
चौमूं तहसीलदार डॉ. विजयपाल बिश्नोई ने मामले की जांच कर ट्रांसफार्मर को अन्य जगह शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। तहसीलदार डॉ. बिश्नोई ने बताया कि सार्वजनिक सड़क पर बिजली ट्रांसफार्मर लगाने की शिकायत मिली थी और इस संबंध में बिजली निगम को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत निगम ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इसे सरकारी आदेशों की खुली अनदेखी बताया जा रहा है। ग्रामीण बिजली ट्रांसफार्मर को तुरंत हटाने की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में बिजली निगम द्वितीय चौमूं के सहायक अभियंता सुरेश पलसानिया ने बताया कि यह ट्रांसफार्मर आरडीएसएस योजना के तहत लगाया गया था, ताकि गर्मी के दिनों में लोगों को वोल्टेज जैसी समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जेईएन को दोबारा मौके पर भेजा गया है और इस मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।





