Home » राजस्थान » एसओजी का कोलकाता में बड़ा ऑपरेशन: ₹10,000 का इनामी डमी अभ्यर्थी एमबीबीएस छात्र गिरफ्तार

एसओजी का कोलकाता में बड़ा ऑपरेशन: ₹10,000 का इनामी डमी अभ्यर्थी एमबीबीएस छात्र गिरफ्तार

राजस्थान में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट गैंग के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। एसओजी ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दबिश देकर ₹10,000 के इनामी डमी परीक्षार्थी प्रिन्स को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी डॉक्टर बनने का सपना देख रहा एमबीबीएस फोर्थ ईयर का छात्र है, जो चंद रुपयों के लालच में सलाखों के पीछे पहुँच गया है।
₹2.50 लाख में तय हुआ था सौदा
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र का निवासी अभियुक्त प्रिन्स सैनी (27) वर्तमान में कोलकाता के बारासात राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है। जांच में सामने आया कि प्रिन्स ने सांचौर निवासी मूल अभ्यर्थी मनोहर सिंह विश्नोई के स्थान पर डमी परीक्षार्थी बनकर विज्ञान विषय की परीक्षा दी थी। यह परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को उदयपुर के सविना खेड़ा स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित हुई थी। इस धोखाधड़ी के बदले प्रिन्स और मनोहर सिंह के बीच ₹2,50,000 का सौदा तय हुआ था।
हाईटेक सॉफ्टवेयर और मुखबिर तंत्र से बिछाया जाल
अभियुक्त तक पहुँचने के लिए एसओजी ने अभिनव तकनीकी पहल का सहारा लिया। उपमहानिरीक्षक पुलिस परिस देशमुख एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों के फोटो और डेटाबेस का मिलान किया गया। उन्नत तकनीकी विश्लेषण और सटीक मुखबिर तंत्र की मदद से टीम ने कोलकाता में प्रिन्स की लोकेशन ट्रेस की और उसे धर दबोचा। इस सराहनीय कार्य में निरीक्षक प्रवीण सिंह और आरक्षी सीताराम की विशेष भूमिका रही।
अब तक 27 गिरफ्तार
वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 में हुई इस धोखाधड़ी के मामले में एसओजी अब तक कुल 27 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। इनमें 12 मूल अभ्यर्थी, प्रिंस सहित 10 डमी परीक्षार्थी और 05 मध्यस्थ और सहयोगी अभियुक्त भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
क्या था मामला
उल्लेखनीय है कि 24 दिसंबर 2022 को आयोजित सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी, जिसे बाद में 29 जनवरी 2023 को दोबारा कराया गया। जांच के दौरान पता चला कि विज्ञान विषय में कुछ अभ्यर्थियों ने डमी परीक्षार्थियों के जरिए चयनित होने का प्रयास किया था, जिसके बाद एसओजी ने प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

infoverse academy

Top Headlines

नशे के खिलाफ जयपुर पुलिस का बिगुल: ‘नो टू ड्रग्स -वेक अप जयपुर’  अभियान शुरू

युवा पीढ़ी को नशामुक्त बनाने के लिए शिक्षा संस्थानों में चलेगा व्यापक जन-जागरूकता अभियान न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा जयपुर।