जयपुर। ईडब्ल्यूएस वर्ग व सामान्य वर्ग की माँगो को लेकर विभिन्न संगठनों ने विधानसभा धरना दिया और माँगो को लेकर सभा के बाद आक्रोश में विधानसभा कूच किया।पुलिस के भारी जाब्ते ने भीड़ को रोका और पुलिस अधिकारी प्रतिनिधिमंडल को विधानसभा लेकर गये।प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा में सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत को ज्ञापन सौंपा
विप्र महासभा के संस्थापक और EWS आरक्षण मंच के संयोजक सुनील उदेईया ने संबोधन में कहा कि ईडब्ल्यूएस वर्ग व सामान्य वर्ग में राजपूत,ब्राह्मण,वैश्य, माथुर,कायस्थ,जैन,मुस्लिम और अन्य अनारक्षित वर्ग आता है जो एक बडा वोट बैंक है और सत्ता परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।सरकार को बने हुये 2 वर्ष 3 माह हो चुके है। विधायक से लेकर समाज कल्याण मंत्री. उप मुख्यमंत्री वित्त,मुख्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को व्यक्तिगत अवगत करवा चुके है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है अतःइस वर्ग के उत्थान और कल्याण हेतु हमारी निम्न मांगों पर सरकार ध्यान दे।
परशुराम सेना के अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी ने कहा कि हमारी माँगो पर सरकार तुरंत ध्यान दे नहीं तो उग्र आंदोलन होगा
सभा को विप्र महासभा मुख्य संरक्षक नटवर लाल शर्मा,प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र भारद्वाज,प्रदेश संयोजक जितेंद्र मिश्रा , गलता पीठ के युवाचार्य राघवेंद्र महाराज,कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज, राज ब्राह्मण महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष रामानुज शर्मा,पुजारी संघ के कमलेश शर्मा,अरुण शर्मा,मंदिर मठ संघ के अध्यक्ष हनुमान शर्मा,कर्मचारी नेता महेश व्यास,प्रो०बल्लभ शर्मा,अग्रवाल समाज के मूल चंद अग्रवाल,वैश्य सेना के अध्यक्ष राजेंद्र मित्तल,हर्षिता शर्मा आदि ने संबोधित किया।

1.राजस्थान सरकार में वर्ष 2022-23 में 100 करोड, वर्ष 2023-24 में 200 करोड और 2024-25 में 150 करोड रूप्ये का बजट ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिये आबंटित किया गया था। लेकिन वर्ष 2025-26 और इस सत्र 2026-27 में शून्य बजट दिया गया है। दोनों वर्षों का 500 करोड बजट दिया जायें।
2.ईडब्ल्यूएस बोर्ड, विप्र कल्याण बोर्ड, देवस्थान बोर्ड में अध्यक्षों की नियुक्ति तक आरएएस अधिकारी की प्रशासक के रूप में नियुक्ति कर बोर्डो को सुचारू रूप से संचालन किया जायें क्योंकि अन्य सभी वर्गों के बोर्ड संचालित है।
3.केन्द्र सरकार की भर्तियों में पाँच साल आयु सीमा छूटे एवं भूमि भवन की शर्त में शिथिलता देने हेतु केन्द्र सरकार को अभिशषा की जाये।
4.पंचायत चुनावों और नगर निकाय चुनावों में पार्षद,सदस्य,प्रधान, प्रमुख, सभापति,मेयर सभी सीटों पर अन्य आरक्षित वर्ग की तरह दस प्रतिशत सीटों पर आरक्षण देकर गरीब वर्ग को राजनीति में प्रतिनिधित्व दिया जाये। अन्तोदय योजना के तहत लागू हो।
5.देवनारायण योजना की तर्ज पर ईडब्ल्यूएस वर्ग के बजट से निजी संस्थानों में सभी कोर्सों में बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाये और जिला स्तर पर छात्रावास खोला जायें।जयपुर में 500 बेड का हॉस्टल।
6.पुजारी प्रोटेक्शन बिल बनाया जायें, मंदिर के पुजारियों को मंदिर भूमि के संरक्षक के रूप में दिये जाने वाले लाभों के संबन्ध में राजस्व विभाग ग्रुप-6 दि० 30.09.2022 की पालना सुनिश्चित हेतु जिला कलेक्टरों को दिशा निर्देश साथ ही मंदिर माफी की जमीनों की रजिस्ट्री व पटटों पर रोक लगाई जाये।
7.यूजीसी,एसटीएससी एक्ट और अन्य जाति आधारित भेदभाव की योजनाओं के पुनः परीक्षण करवा कर न्यायसंगत बदलाव किये जाने हेतु केन्द्र सरकार को अभिशंषा की जायें।






