कुंभलगढ़ के ग्राम पंचायत गवार के अंतर्गत बीड की भागल में तीखी माताजी और चामुण्डा माताजी के मंदिर मार्ग पर चल रही ‘विलेज सफारी’ गाड़ियों को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। समस्त ग्रामवासियों ने केलवाड़ा पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर इन वाहनों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
सुरक्षा का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से मंदिर के पास से गुजरने वाले इस रास्ते पर सफारी गाड़ियां चलाई जा रही हैं। वर्तमान में ये गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ाई जा रही हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका है।
शिकायत के अनुसार, मंदिर क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। पास में ही चरागाह भूमि होने के कारण मवेशियों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होती है। बीड की भागल में लगभग 100 घरों की आबादी है और माताजी के मंदिर का मुख्य रास्ता इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। तेज गति से दौड़ती ये गाड़ियां ग्रामीणों और पशुओं की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने दावा किया है कि पूर्व में भी इस मार्ग पर हादसे हो चुके हैं।
हुड़दंग का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सफारी वाहन चालक और सैलानी चरागाह भूमि पर गाड़ियां खड़ी कर शराब का सेवन करते हैं और हो-हल्ला मचाते हैं। इससे मंदिर की पवित्रता और शांति भंग होती है, जिससे श्रद्धालु और ग्रामवासी परेशान हैं।
इस दौरान शिकायत दर्ज कराते समय ग्रामीण किशन सिंह, रतन सिंह, वरद्दी सिंह, मोहन सिंह, हरि सिंह, नोजा सिंह सहित कई गांव वाले मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि मंदिर मार्ग पर ‘विलेज सफारी’ गाड़ियों का संचालन तुरंत प्रभाव से बंद कराया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे।






