राजस्थान में प्राइवेट बसों की हड़ताल का असर पाली में भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को रोडवेज बस स्टैंड पर भीड़ उमड़ती नजर आई। वहीं पणिहारी चौराहे के पास स्थित ट्रेवल्स ऑफिस के बाहर सन्नाटा छाया नजर आया।
ट्रेवल्स संचालकों ने बताया- ऑनलाइन बुकिंग फिलहाल बंद कर दी है। बसें आ नहीं रही हैं। ऐसे में मुम्बई, गुजरात, यूपी-एमपी, बैंगलोर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि आज बुधवार को हड़ताल का दूसरा दिन है। निजी बसों का संचालन नहीं होने से लोग परेशान हैं।
वहीं मुंबई, कर्नाटक और बैंगलोर से आने वाले लोग वहीं अटक गए हैं। उनके प्राइवेट बसों की टिकट कैंसिल हो रही है। वहीं पाली से जोधपुर जाने वाले बसें चल रही हैं, ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए राहत की खबर है।

आगे होली का त्यौहार, मजदूर भी परेशान पाली टेक्सटाइल इंडस्ट्री में यूपी-बिहार के काफी मजदूर काम करते हैं। जिनमें से सैकड़ों मजदूर ऐसे हैं जो होली पर अपने गांव जाना चाहते हैं, लेकिन निजी बसों की हड़ताल चल रही है और ट्रेनों में टिकट कंफर्म नहीं मिल रही। ऐसे में वे भी परेशान हैं। इसके साथ ही पाली जिले के सैकड़ों लोग, महाराष्ट्र, बैंगलोर, कनार्टक आदि में रहते हैं। वे भी यहां आना चाहते हैं लेकिन हड़ताल के चलते परेशान हैं।
पाली से रोजाना सैकड़ों लोग जोधपुर आते-जाते हैं। जिसमें स्टूडेंट भी शामिल हैं। जो वहां कोचिंग करने जाते हैं। शुक्र है कि हड़ताल का असर इस रूट पर नहीं पड़ा। बुधवार को पाली से जोधपुर की तरफ निजी बसों का संचालन शुरू रहा।

बुकिंग कैंसिल हो रही पाली शहर के लक्ष्मण सुथार काम-काज के सिलसिले में बेलगांव (कर्नाटक) में परिवार सहित रहते हैं। उन्होंने बताया कि वे परिवार सहित होली पर पाली आना चाहते थे। क्योंकि आगे रिश्तेदारी में शादी भी है। लेकिन निजी बसों की हड़ताल के चलते ट्रेवल्स वालों ने टिकट कैंसल कर दिए। उन्हें ऑनलाइन पेंमेंट कर रखा था जो वापस रिफंड कर दिया।
रेलवे में टिकट बुकिंग करवाना के लिए फॉर्म भरा लेकिन जैसे-तैसे करके सिर्फ उनका टिकट कंफर्म हो सका। बच्चों, पत्नी का टिकट नहीं हो पाया। ऐसे में वे होली पर उनके साथ पाली नहीं आ सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऐसे और भी मारवाड़ी लोग यहां है जो निजी बसों की हड़ताल के चलते अपने गांव नहीं जा पाएंगे। क्योंकि ट्रेनों में टिकट कंफर्म नहीं हो रही है।

रोडवेज ने चलाई एक्सट्रा बसें रोडवेज के पाली डिपो के प्रबंधक प्रशासक राजेन्द्र कुमार मेवाड़ा ने बताया कि निजी बसों की हड़ताल के चलते पाली डिपो का यात्री भार 11 प्रतिशत तक बढ़ा है। ज्यादा यात्री भार देखते हुए खाटू श्यामजी के लिए एक अतिरिक्त बस भी चलाई। पहले रोडवेज का यात्राी भार 86 प्रतिशत था जो बढ़कर 97 तक पहुंच गया है।

रोज गुजरती है करीब 300 बसें, पाली से बैठते है करीब एक हजार यात्री ट्रेवल्स संचालक दयालसिंह ने बताया कि पाली से रोजाना करीब 300 निजी बसे निकलती है। इनमें पाली से 800 से एक हजार यात्री बैठते हैं। पाली से अहमदाबाद के करीब 40 बसें, बैंगलुरू के लिए 10, मुम्बई के लिए 10, उदयपुर के लिए 30, इंदौर के लिए 06, जयपुर के लिए 30, हैदराबाद के लिए 30, कानपुर के लिए 5, हरिद्वार के लिए 4 और दिल्ली के लिए करीब 15 ट्रेवल्स बसें संचालित होती हैं। लेकिन हड़ताल के चलते बसों का संचालन बंद रहा।






