उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार उद्यमियों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयों (एमएसएमई) को प्रोत्साहित कर रही है। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के छोटे उद्यमियों अपने उत्पादों के विपणन हेतु देश-विदेश में आयोजित होने वाले मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक अनिता भदेल के पूरक प्रश्नों के जवाब दे रहे थे। मंत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी, एमएसएमई पॉलिसी तथा ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत उद्यमियों को देश एवं विदेश में आयोजित मेलों में भागीदारी पर अनुदान दिया जा रहा है। सभी पात्र आवेदनों को योजनाओं के तहत भुगतान सुनिश्चित किया गया है। उद्यमियों को मेलों अथवा प्रदर्शनियों में किए गए व्यय के पुनर्भरण के रूप में सहायता राशि का भुगतान किया जाता है।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि देश के भीतर आयोजित मेलों के लिए एमएसएमई नीति के तहत सहायता दी जाती है। जबकि विदेशों में आयोजित मेलों के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी के तहत सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि एमएसएमई नीति के अंतर्गत कुल 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 261 को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। 192 लाभार्थियों को राशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 80 आवेदन लंबित हैं तथा 17 आवेदन निर्धारित मापदंड पूरे न करने के कारण निरस्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि अनुदान के लिए एमएसएमई पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही मेलों का अनुमोदित होना व भागीदारी की रसीद संलग्न होना आवश्यक है। मंत्री ने बताया कि राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी के तहत 149 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 94 को भुगतान किया जा चुका है। एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत 351 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 306 स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 234 लाभार्थियों को भुगतान कर दिया गया है।
इससे पहले मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 की संशोधित बजट घोषणा 10 जुलाई 2024 के तहत उद्यमियों को अपने उत्पादों की देश-विदेश में मार्केटिंग के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने की दृष्टि से 30 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
मंत्री ने बताया कि एमएसएमई पॉलिसी 2024 के अंतर्गत संचालित बाजार सहायता योजना में पात्र उद्यमियों को विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान निर्यात संवर्द्धन नीति-2024 के अंतर्गत निर्यातकों को निर्यात से संबंधित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने पर व्यय का 75 प्रतिशत तक सहायता, अधिकतम 3 लाख रुपये, प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। दोनों नीतियों के तहत प्रदान किया गया अनुदान उद्यमियों द्वारा मेलों और प्रदर्शनियों में किए गए व्यय के पुनर्भरण के रूप में भुगतान किया जा रहा है।






