सावर में बैंक ऑफ बड़ौदा की छत तोड़कर लॉकरों से करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी होने के एक महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। घटना के खुलासे के लिए पुलिस के आला अधिकारी और टीमें लगातार जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
यह घटना 17 या 18 जनवरी की रात को सावर नगरपालिका कार्यालय भवन के पास स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में हुई थी। अज्ञात चोर बैंक भवन की छत पर चढ़े और कटर से छत काटकर लॉकर रूम में घुस गए। उन्होंने दो बैंक लॉकरों को निशाना बनाया और उनमें रखे जेवरात चोरी कर लिए।
चोरों ने कुल 107 तोला सोने के जेवरात और 850 ग्राम चांदी के आभूषण चुराए। इनमें से लॉकर नंबर 60 सावर निवासी इंद्रराज के नाम था, जिससे 80 तोला सोने के जेवरात चोरी हुए। वहीं, लॉकर नंबर 64 लोकेश पारीक का था, जिससे 27.5 तोला सोने के जेवरात और 850 ग्राम चांदी के जेवरात गायब हुए।
चोरी की इस वारदात को सवा महीने से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन पुलिस को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। पुलिस चोरी के खुलासे के लिए कड़े प्रयास कर रही है और कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की गई है। हालांकि, घटना में सफलता के लिए कोई ठोस सबूत पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।
पुलिस उपाधीक्षक केकड़ी, हर्षित शर्मा ने बताया कि सावर में बैंक के लॉकर से हुई चोरी के मामले में पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है और खुलासे के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।






