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महिला शक्ति,आत्मनिर्भरता का सशक्त हस्ताक्षर है नारी चौपाल:डॉ. प्रेमचंद बैरवा

जयपुर अनिल शर्मा जयपुर जिला प्रशासन का नारी चौपाल कार्यक्रम महिला शक्ति,आत्मनिर्भरता का सशक्त हस्ताक्षर है।नारी चौपाल वह मंच है जहां महिलाएं केवल श्रोता नहीं रहतीं,बल्कि अपनी बात कहती हैं, समाधान सुझाती हैं और नेतृत्व की भूमिका निभाती हैं।यह पहल महिलाओं को घर की चौखट से बाहर निकालकर सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बनाती है। यह कहना है उपमुख्यमंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा का।

डॉ.बैरवा ने यह बात सक्षम जयपुर अभियान के तहत दूदू में आयोजित नारी चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही साथ ही डॉ.प्रेम चंद बैरवा ने अपने संबोधन में कहा कि नारी चौपाल जैसे कार्यक्रमों में जब महिलाएं खुलकर अपने अनुभव साझा करती हैं, योजनाओं की जानकारी प्राप्त करती हैं और प्रशासन से सीधे संवाद करती हैं, तब आत्मनिर्भरता की वास्तविक नींव रखी जाती है।

डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने नारी चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि विकसित राजस्थान की आधारशिला है।उन्होंने कहा कि जब महिला शिक्षित,सुरक्षित और आत्मनिर्भर होती है तो समाज में समृद्धि और संवेदनशीलता दोनों का विकास होता है। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और स्वरोजगार अवसरों का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की पहुंच अंतिम छोर तक सुनिश्चित की जाए।

जिला कलक्टर डॉ.जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जयपुर जिले में महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित सक्षम जयपुर अभियान के अंतर्गत दूदू में आयोजित नारी चौपाल महिला नेतृत्व, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों महिलाओं एवं बालिकाओं ने भाग लेकर यह संदेश दिया कि बदलते राजस्थान में महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाने को तैयार हैं।

दूदू में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मृणाल कुमार,दूदू,फागी एवं मौजमाबाद के उपखण्ड अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों,आत्मरक्षा प्रशिक्षण और प्रेरक अनुभव साझा कर अपनी प्रतिभा एवं नेतृत्व क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया।

महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक डॉ.राजेश डोगीवाल ने बताया कि मारवाड़ी लोकगीत,लोकनृत्य एवं नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक संदेशों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया। “हम होंगे कामयाब” और “मेरा काम—मेरा सम्मान” जैसी प्रस्तुतियों ने आत्मनिर्भरता, सम्मान और स्वाभिमान का सशक्त संदेश दिया।

नारी चौपाल में महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा,शिक्षा,पुलिस,सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सहित विभिन्न विभागों द्वारा सहायता काउंटर लगाए गए,जहां महिलाओं को स्वास्थ्य,पोषण,सुरक्षा, शिक्षा एवं स्वरोजगार संबंधी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। मौके पर ही मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई,जिससे यह आयोजन केवल संवाद तक सीमित न रहकर समाधान केंद्रित पहल के रूप में स्थापित हुआ।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं ने सक्षम जयपुर अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर कर ‘बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ’ की शपथ ली। नोडल अधिकारी श्री मृणाल कुमार द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

डॉ.डोगीवाल ने कहा कि नारी चौपाल महिलाओं को जागरूक,सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की सतत पहल है। यहां प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं,जिससे नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को बल मिल रहा है।

जिला कलक्टर डॉ.जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार जयपुर जिले के सभी उपखंडों में नारी चौपाल कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से आयोजित किए जाएंगे।दूदू की यह नारी चौपाल इस बात का प्रमाण है कि जब अवसर और मंच मिलता है,तो महिला शक्ति समाज परिवर्तन की अग्रणी धुरी बन जाती है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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