विधानसभा अध्यक्ष के मुख्य आतिथ्य में उत्साह और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ हुआ सम्पन्न
विकसित भारत के संकल्प में नारी शक्ति की महती भूमिका-वासुदेव देवनानी
न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा
जयपुर। अजमेर के महिला अभियांत्रिकी महाविद्यालय में मंगलवार को आयोजित वार्षिक टेक्नो-कल्चरल उत्सव एपिस्टेमिको-26 का प्रथम दिवस उत्साह, ऊर्जा और विविध गतिविधियों के साथ सम्पन्न हुआ। महाविद्यालय परिसर में दिनभर तकनीकी, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों की धूम रही। इसमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला अभियांत्रिकी महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि नारी सशक्तीकरण और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रेरणादायी मंच है। उन्होंने कहा कि अजमेर में उत्तरी भारत का पहला महिला इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ था और आज वह पौधा वटवृक्ष का रूप ले चुका है। जहाँ बड़ी संख्या में छात्राएँ शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में आत्मनिर्भर बनकर योगदान देने की दिशा में अग्रसर हैं।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस संस्थान की छात्राएँ शोध, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से समाज की विभिन्न समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करेंगी। देवनानी ने कहा कि संस्थान में परंपरा, संस्कृति और प्रौद्योगिकी का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह राज्य के साथ देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव जैसे आयोजन विद्यार्थियों के लिए उत्साह और आनंद के क्षण होते हैं, जहाँ उनकी मेहनत और प्रतिभा को पहचान मिलती है।उन्होंने कहा कि भारत में नारी शक्ति का ऎतिहासिक महत्व रहा है और भारतीय संस्कृति ने विश्व को वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए एक विश्व, एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य के मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व में आकर्षण का केंद्र बन रहा है और भारत के निर्णयों पर पूरी दुनिया की नजर रहती है। देश के युवा ही भविष्य की पौध हैं, जिन पर विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी है।
देवनानी ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा सहित अनेक क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ हैं और प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की समस्याओं का अध्ययन कर तकनीकी नवाचार के माध्यम से उनके समाधान खोजने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, समय प्रबंधन, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम जैसे गुण विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में नारी शक्ति की महती भूमिका होगी। नारी ही सृजन, परिवार और समाज की धुरी है तथा उसका सम्मान भारत की उन्नति का प्रतीक है। उन्होंने संस्थान से आग्रह किया कि वह छात्राओं की प्रतिभा को निखारने और तराशने के लिए निरंतर प्रयासरत रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। इस अवसर पर बैनर रोलआउट एवं हीलियम बैलून लॉन्च, दीप प्रज्वलन तथा मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया गया। उद्घाटन समारोह में प्रस्तुत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जैसे राजस्थानी नृत्य, समूह गायन एवं असमिया युगल नृत्य ने उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसी क्रम में प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया तथा समापन वक्तव्य के साथ प्रथम दिवस का सफल समापन हुआ।





