सीकर के खंडेला में एक घर में मां-बेटे रहते थे। पिता की मौत हो चुकी है। बेटे की शादी होने वाली थी। घर में तैयारियां चल रही थीं। शादी की खरीदारी की जा रही थी। रिश्तेदारों को कार्ड देने के लिए लिस्ट बनाई जा रही थी।
अचानक शादी से 19 दिन पहले घर में मां-बेटे की लाश मिली। पुलिस पहुंची तो महिला का शव फंदे से लटका हुआ था। बेटा फर्श पर मां के पैरों में पड़ा था। पुलिस तय नहीं कर पा रही थी कि यह सुसाइड है या मर्डर। केस की इन्वेस्टिगेशन हुई तो कई हैरान करने वाले खुलासे हुए।
सीकर जिले के खंडेला का हमरीपुरा कलां गांव। 22 अगस्त 2023, शाम के 6 बजे का वक्त। एक शख्स ने गांव में पावर हाउस के पास बने एक मकान का गेट खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई। वह शख्स काफी देर तक गेट खटखटाता रहा लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था
उसने किसी से फोन पर बात की। इसके बाद गेट से मकान की छत पर चढ़ गया। मकान से बदबू आ रही थी। उसने रोशनदान से कमरे में झांककर देखा। जो देखा वो होश उड़ाने वाला था। महिला सजना (60) का शव फंदे से झूल रहा था। वहीं उसके बेटे लोकेश (20) का शव पैरों के पास पड़ा था।
युवक ये सब देखकर बुरी तरफ घबरा गया। तुरंत छत से उतरा और बाहर आ गया। उसने घटना की सूचना मृतक युवक के जीजा महिपाल और ग्रामीणों को दी। महिपाल ने मौके पर पहुंचकर गेट को खोला।
सूचना पर खंडेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इधर, एक बंद कमरे में दो शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई थी। घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों जमा हो गए। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मंगाया। पुलिस ने महिला के शव को फंदे से नीचे उतारा।
दोनों शव कई दिन पुराने ग रहे थे। कमरे से भयंकर बदबू आ रही थी। मृतक युवक के सिर पर चोट का निशान था। पुलिस को कमरे में कोई हथियार नहीं मिला। पुलिस सुसाइड मान रही थी। लेकिन ब्लाइंड मर्डर से इनकार भी नहीं कर रही थी।
मां-बेटा ही रहते थे घर में
सूचना पर तत्कालीन सीकर एसपी परिस देशमुख, डीवाईएसपी इंशार अली, थानाधिकारी अशोक कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
एफएसएल, डॉग स्क्वायड व मोबाइल टीम को सूचना दी। तीनों टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस की टीम देर रात तक घटनास्थल पर बारीकी से जांच कर रही थी। एफएसएल टीम ने भी काफी तथ्य जुटा लिए।
पुलिस ने रात को शव खंडेला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए। अगले दिन पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस की जांच में सामने आया कि मां-बेटा साथ ही रहते थे। सजना के पति मांगूराम की डेढ़ साल पहले मौत हो गई थी। वहीं बड़ा बेटा मुकेश कुमार (24) बचपन से अपने ननिहाल रहता था। बेटी की शादी हो चुकी थी।
23 अगस्त को बड़े बेटे मुकेश कुमार ने अपने छोटे भाई व मां के मर्डर की रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी परिस देशमुख के निर्देशन में 2 टीमें बनाई गई। डीवाईएसपी इंशार अली पूरे मामले को देख रहे थे।
कॉल डिटेल से मिला सुराग
पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचना चाहती थी। इसके लिए पुलिस ने सबसे पहले लोकेश के मोबाइल नम्बर की कॉल डिटेल निकलवाई। कॉल डिटेल से पता चला कि लोकेश ने पिछले कुछ दिनों में जयपुर के कालाडेरा निवासी कमलेश यादव से कई बार बात हुई थी।
काॅल डिटेल खंगालने के बाद पुलिस ने लोकेश के घरवालों से भी बात की। घरवालों ने बताया कि कमलेश यादव का लोकेश के घर काफी समय से आना-जाना था।
पुलिस ने शक के आधार पर कमलेश यादव को केंद्र में रखा और आगे की इंवेस्टिगेशन शुरू की। पुलिस ने जब कमलेश यादव की हिस्ट्री खंगाली तो हैरान कर देने वाली बात सामने आई। कमलेश यादव सेक्स रैकेट में शामिल था। वह जयपुर में लड़कियां भी सप्लाई करता था। उसका नेटवर्क भी काफी बड़ा था।
-पुलिस टीम कमलेश की डिटेल पता कर जयपुर पहुंची। कमलेश वहां पर नहीं मिला। पुलिस टीम खाली हाथ सीकर लौट आई। बाद में इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि कमलेश और लाेकेश रोज फोन पर बात करते थे। दोनों के बीच एक लड़की को लेकर बात होती थी। इन्वेस्टिगेशन में यह भी सामने आया है कि कमलेश अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जयपुर में फ्लैट में रहता था।
इधर, पुलिस को एफएसएल टीम से कुछ और तथ्य मिले। साथ ही पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि महिला की मौत किसी तौलिए से गला घोटने से हुई है। वहीं लोकेश की मौत सिर में गोली लगने से हुई। एफएसएल टीम को मौके से आरोपियों के फुटप्रिंट व फिंगरप्रिंट भी मिले।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मां-बेटे की मौत 20 अगस्त को ही हो गई थी। 2 दिन तक शव बंद घर में पड़े थे। पुलिस जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी जोड़कर मामले की तह तक पहुंचाना चाह रही थी, लेकिन ये इतना आसान नहीं था।
अभी तक पुलिस के पास मामले में एक ही कड़ी थी- कमलेश यादव। मामले में आगे इंवेस्टिगेशन के लिए कमलेश का पकड़ा जाना बेहद जरूरी था।
काफी कोशिशों के बाद भी पुलिस गिरफ्तारी में कामयाब नहीं हो रही थी। कमलेश की लोकेशन लगातार हरियाणा आ रही थी। वह रोजाना हरियाणा के अलग-अलग जिलों व गांवों में जा रहा था।
इन्वेस्टिगेशन के लिए पुलिस एक बार फिर हमीरपुरा कलां गांव पहुंची। आस-पास के लोगों व पड़ोसियों से पूछताछ की। पूछताछ में लोगों ने बताया कि दोनों मां-बेटा काफी खुश थे। शादी की खरीदारी कर रहे थे। लोकेश की शादी 8 सितंबर को शादी होने वाली थी।
उनके घर मेहमानों का आना-जाना भी लगातार जारी था। घटना से दो-तीन दिन पहले तक उनके घर में रिश्तेदार भी आए हुए थे। रिश्तेदारों के जाने के बाद ही 20 अगस्त को मां-बेटे का मर्डर हो गया।
पूछताछ के बाद पुलिस को मामला और उलझना दिखा। अब रिश्तेदारों पर भी शक की सुई घूम रही थी। पुलिस ने कई रिश्तेदारों से भी पूछताछ की। लेकिन कुछ खास जानकारी नहीं मिली।
इधर, पुलिस को कॉल डिटेल से पता चला कि लोकेश की बात हरियाणा के एक बड़े गैंगस्टर से भी होती थी। ये तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने दोबारा घटना की समय की लोकेशन चैक की। घटना के समय किसी भी अनजान व्यक्ति की लोकेशन लाेकेश के आस-पास नहीं मिली।
तीन-चार दिन बाद पुलिस ने टेक्निकल टीम व मुखबिर की सूचना पर हरियाणा में दबिश देकर एक गैंगस्टर व कमलेश यादव को पकड़ लिया।
मामले में 2 संदिग्ध आरोपयों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस के सामने कई बड़े सवाल थे।
क्या पकड़े गए गैंगस्टर व जयपुर के युवक ने मां-बेटे का ब्लाइंड मर्डर किया था?
युवक की शादी से पहले मां-बेटे का मर्डर क्यों हुआ?
क्या मर्डर की वजह युवक की शादी थी।
घटना के बाद से जयपुर का युवक हरियाणा क्यों भागा था?
हरियाणा के बड़े गैंगस्टर की मां-बेटे से कोई दुश्मनी थी?






