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थप्पड़कांड में नरेश मीणा को नहीं मिली जमानत:हाईकोर्ट ने कहा-चोरी, ऊपर से सीना जोरी, वकील बोले-हमें डर है कि पुलिस रिहाई रोकना चाहती है

देवली-उनियारा उपचुनाव में एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश मीणा को बुधवार को भी जमानत नहीं मिली। मीणा को थप्पड़ मारने के बाद समरावता में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

हाईकोर्ट ने नरेश मीणा की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस से केस डायरी मंगवाई है। अब इस मामले में एक सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी। दरअसल, हाईकोर्ट में आज समरावता गांव में हुई हिंसा के मामले में नरेश मीणा की ओर से जमानत याचिका लगाई गई थी।

बता दें कि अगर इस केस में नरेश मीणा को जमानत मिल जाती, वह फिर भी जेल से बाहर नहीं आ पाते। एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में भी नरेश को जमानत करानी है।

नरेश मीणा की ओर से दोनों मामलों में जमानत याचिका पेश की गई थी। आज एक ही मामले में सुनवाई की गई।एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में लगी दूसरी जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की संभावना है।

नरेश मीणा के मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- याचिकाकर्ता मुख्य आरोपी है। भीड़ को भड़काने और उपद्रव फैलाने का भी आरोप है। घटना को सोशल मीडिया पर आरोपी ने वायरल किया।

कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा, एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी। कोर्ट ने पुलिस से मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट और नरेश मीणा का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड मंगवाने के निर्देश देते हुए मामले की सुनवाई एक सप्ताह के लिए टाल दी।

नरेश पर 4 एफआईआर, 2 में ही हुई गिरफ्तारी हाईकोर्ट में नरेश मीणा के वकील फतेहराम मीणा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन नरेश को जेल में रखने की साजिश कर रहा है। पुलिस ने नरेश के खिलाफ नगर फोर्ट थाने में चार एफआईआर दर्ज की है।

इसमें पहली एफआईआर एसडीएम द्वारा करवाई गई है। इसमें उसका कहना है कि नरेश ने ईवीएम से छेड़छाड़ और उसके साथ मारपीट की। दूसरी एफआईआर पुलिस ने दर्ज की है, जिसमें नरेश पर आगजनी का आरोप है। इन दोनों एफआईआर में नरेश को गिरफ्तार किया गया है।

तीसरी एफआईआर हाईवे जाम करने और चौथी एफआईआर रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से ईवीएम से छेड़छाड़ करने की दर्ज कराई है। इन दोनों मामलों में नरेश को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा- हमें डर है कि इन दोनों मामलों में पुलिस जमानत मिलने पर नरेश की रिहाई रोकने के लिए उसे गिरफ्तार कर सकती है।

उपचुनाव के दिन एसडीएम काे मारा था थप्पड़ दरअसल, देवली-उनियारा विधानसभा के समरावता (टोंक) गांव में उपचुनाव में वोटिंग का बहिष्कार किया गया था। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ धरने पर थे। इसी दौरान नरेश मीणा ने अधिकारियों पर जबरन मतदान करवाने का आरोप लगाया था। नरेश मीणा पोलिंग बूथ पर आए और उन्होंने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।

नरेश मीणा वापस जाकर धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद प्रदर्शनकारियों की गाड़ी रोकने को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने नरेश मीणा को हिरासत में ले लिया था। मीणा के समर्थकों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे और भड़क गए थे। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी और पुलिस के जवान आमने-सामने हो गए थे और नरेश मीणा को छुड़ाकर ले गए था। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। ग्रामीणों पर भी पथराव का आरोप लगाया था। घटना से पूरे गांव में आगजनी हो गई थी।

पुलिस ने 61 लोगों को किया था गिरफ्तार समरावता हिंसा मामले में पुलिस ने करीब 61 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें से 18 लोगों को टोंक जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई। वहीं, 40 लोगों को 3 जनवरी को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके अलावा तीन नाबालिग भी पुलिस ने पकड़े थे, उन्हें भी टोंक के जिला जज ने जमानत दे दी थी।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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