Home » मनोरंजन » बांग्लादेश में बैन हुई कंगना रनोट की फिल्म इमरजेंसी:भारत-बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए फिल्म रिलीज पर रोक, 17 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देगी

बांग्लादेश में बैन हुई कंगना रनोट की फिल्म इमरजेंसी:भारत-बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए फिल्म रिलीज पर रोक, 17 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देगी

कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म इमरजेंसी से जुड़े विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। फिल्म को कई विवादों के बाद इंडियन सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिला था, जिसके बाद फिल्म 17 जनवरी को रिलीज होने वाली है। अब रिलीज से महज 2 दिन पहले ही फिल्म को बांग्लादेश में बैन कर दिया गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो ये फैसला भारत और बांग्लादेश के बीच चल रही तनावपूर्ण स्थिति के चलते लिया गया है।

एएनआई में फिल्म इमरजेंसी के करीबी सूत्र के हवाले से बताया गया है, फिल्म इमरजेंसी की बांग्लादेश में स्क्रीनिंग रोक दी गई है। बांग्लादेश में इमरजेंसी की स्क्रीनिंग रोकने का फैसला भारत और बांग्लादेश के बीच मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के चलते लिया गया है। ये बैन फिल्म के कंटेंट के चलते कम और दोनों देशों के बीच पॉलिटिकल डायनेमिक के बारे में ज्यादा है।

फिल्म को बांग्लादेश में बैन करने का एक कारण ये भी है कि फिल्म में स्वतंत्रता सेनानी और बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान की हत्या दिखाई गई है, जिन्हें फादर ऑफ बांग्लादेश कहा जाता है। उन्होंने बांग्लादेश और पाकिस्तान के विभाजन में अहम भूमिका निभाई थी। सुनने में आया है कि फिल्म में उनकी हत्या को बांग्लादेशी चरमपंथियों के एक ग्रुप द्वारा करते दिखाया गया है, जिसके चलते भी बांग्लादेश में इसकी रिलीज पर असर पड़ा है।

रिपोर्ट्स की मानें तो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग करने में अहम भूमिका रही थी। उस दौर में US गवर्नमेंट पाकिस्तान का समर्थन कर रही थी। US गवर्नमेंट द्वारा इंदिरा गांधी से कहा गया था कि वो इस मामले में हस्तक्षेप न करें, इसके बावजूद उन्होंने बांग्लादेश का समर्थन किया। नतीजतन 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ।

बताते चलें कि फिल्म इमरजेंसी 17 जनवरी को रिलीज होने वाली है। ये फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल और 1975 में लगी इमरजेंसी पर बनाई गई है। फिल्म में कंगना रनोट ने इंदिरा गांधी की भूमिका निभाई है।

नितिन गडकरी ने जनता से की फिल्म इमरजेंसी देखने की अपील

कंगना रनोट ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लिए फिल्म इमरजेंसी की एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी। इस दौरान अनुपम खेर भी उनके साथ मौजूद रहे थे।

फिल्म इमरजेंसी की स्पेशल स्क्रीनिंग के बाद नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फोटो-वीडियो शेयर किए। पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने फिल्म का रिव्यू दिया है और लोगों से फिल्म देखने की अपील की है।

केंद्रीय मंत्री ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ‘आज कंगना जी और अनुपम खेर जी के साथ नागपुर में फिल्म इमरजेंसी की स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल हुआ। मैं हमारे देश के इतिहास के काले अध्याय को इतनी अच्छे ढंग से प्रस्तुत करने के लिए फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं को तहे दिल से धन्यवाद देता हूं। मैं सभी से इस फिल्म को देखने का आग्रह करता हूं, फिल्म इमरजेंसी भारत के इतिहास के काले अध्याय के बारे में बताती है।’

सर्टिफिकेट न मिलने से रुकी थी फिल्म की रिलीज

बताते चलें कि फिल्म इमरजेंसी 14 जून 2024 को रिलीज की जाने वाली थी। हालांकि लोकसभा चुनाव के चलते इसे पोस्टपोन कर दिया गया था। फिल्म को 6 सितंबर 2024 को रिलीज किया जाना था, हालांकि रिलीज से महज चंद दिनों पहले ही सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया था। आरोप थे कि फिल्म में विवादित सीन हैं, जिसके चलते शांति भंग हो सकती है।

30 अगस्त को कंगना ने बताया कि उनकी फिल्म इमरजेंसी को पास कर दिया गया था, लेकिन कुछ पावरफुल लोगों के दबाव के चलते सेंसर बोर्ड फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इनकार दिया था। इस मामले में कंगना हाईकोर्ट तक पहुंची थीं। सिख समुदाय के कुछ आपत्तिजनक सीन होने पर तेलंगाना में भी फिल्म को बैन करने की मांग हुई थी।

17 अक्टूबर को सेंसर बोर्ड से पास हुई फिल्म

सर्टिफिकेशन मामले पर फैसला आने तक फिल्म की रिलीज रोक दी गई थी। देशभर में कंगना के खिलाफ कई शिकायत दर्ज हुईं और फिल्म को बैन करने की मांग की गई। सिख समुदाय ने भी कंगना और फिल्म का जमकर विरोध किया था। कंगना रनोट ने 17 अक्टूबर को बताया था कि सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को पास कर दिया गया है।

प्रोड्यूसर और डायरेक्टर को सेंसर बोर्ड ने 10 बदलावों की लिस्ट भेजी थी

  • इमरजेंसी में दिखाए गए विवादित बयानों पर सेंसर बोर्ड ने फैक्ट्स दिखाने को कहा था। CBFC ने कहा था कि मेकर्स को इस फिल्म में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड मिल्हौस निक्सन द्वारा भारतीय महिलाओं के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के भारतीयों को खरगोशों की तरह प्रजनन करने वाले बयानों के सोर्स पेश करने होंगे।
  • सेंसर बोर्ड ने मणिकर्णिका फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड को 10 बदलावों की लिस्ट भेजी थी। इनमें अधिकतर दृश्य वे थे, जिन पर सिख संगठनों की तरफ से आपत्ति जताई गई थी।
  • फिल्म के एक सीन में पाकिस्तानी सैनिकों को बांग्लादेश शरणार्थियों पर हमला करते हुए दिखाया गया है। इसमें उन्हें बच्चों व महिलाओं पर हमला करते हुए दिखाया गया है। CBFC ने इस सीन पर भी अपनी आपत्ति जताई थी। बोर्ड ने मेकर्स को फिल्म से इस सीन को बदलने या फिर पूरी तरह डिलीट करने की मांग की थी।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS