Home » राजस्थान » राजस्थान स्टूडियो के कलाकारों की कलाकृतियों की सराहना:राजस्थान के आर्टिस्ट्स लुप्त होती कला के साथ कर रहे अट्रेक्ट, विरासत का कर रहे प्रदर्शन

राजस्थान स्टूडियो के कलाकारों की कलाकृतियों की सराहना:राजस्थान के आर्टिस्ट्स लुप्त होती कला के साथ कर रहे अट्रेक्ट, विरासत का कर रहे प्रदर्शन

पर्यटन मंत्रालय और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से अनंतारा बागमें ‘मीट इन इंडिया’ कॉन्क्लेव और जीआईटीबी 2025 के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। यहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच राजस्थान स्टूडियो के मास्टर आर्टिस्ट्स ने अपनी अद्भुत कलाओं का प्रदर्शन किया।

राजस्थान स्टूडियो की ओर से प्रदर्शित कलाकृतियों को केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने सहारा।

राजस्थान स्टूडियो की ओर से राजस्थान की समृद्ध कला विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया गया। इसमें श्यामलता गहलोत ने उदयपुर की कोफ्तगिरी, जगमोहन सिंह ने जोधपुर की मेटल ऐनग्रेविंग, हर्ष छाजेड़ ने उदयपुर की सी फोम कार्विंग, गयूर अहमद ने जयपुर की ब्लॉक मेकिंग की अद्भुत कलाकृतियों को प्रदर्शित किया है।

इन चारों मास्टर आर्टिस्ट्स ने अपनी दुर्लभ और परंपरागत कलाओं के माध्यम से राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को सजीव कर दिया। उनकी बारीकी और समर्पण से की गई प्रस्तुति ने न केवल मेहमानों का मन मोह लिया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि भारतीय पर्यटन में कला और संस्कृति की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है।

इसमें प्रदेशभर के कलाकारों ने अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित की है।
इसमें प्रदेशभर के कलाकारों ने अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित की है।

इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ऐसे पारंपरिक कलाकारों को उचित मंच देकर उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए, ताकि देश की पर्यटन छवि को भी वैश्विक स्तर पर मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को इन कलाकारों की कलाकृतियों को खरीदने की बात कही, ताकि विदेशी मेहमानों और अलग-अलग देशों में होने वाले आयोजन में आने वाले अतिथियों को सोविनियर के रूप में दिया जा सके। ऐसे में इन कलाकृतियों को ग्लोबल पहचान भी मिल सकेगी और इन कलाओं का संरक्षण भी हो सकेगा।

कार्तिक गग्गर ने बताया कि राजस्थान स्टूडियो ने अपनी स्थापना के बाद से भारत में सांस्कृतिक पर्यटन को एक नई दिशा दी है। यह यात्रियों को प्रामाणिक और विशिष्ट अनुभव देता है, जो उन्हें राजस्थान की समृद्ध धरोहर और कलात्मक परंपराओं से जोड़ता है। राजस्थान स्टूडियो का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाना है, और इसी उद्देश्य से यह ऐसे इमर्सिव सत्र आयोजित करता है, जहां यात्रियों को सीधे कलाकारों से सीखने का अवसर मिलता है। ऐसे में पर्यटक न केवल कला के तकनीकी पहलुओं को समझते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और कला की गहरी समझ भी विकसित करते हैं।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

Poola Jada

Top Headlines

“बल्लूपुरा में इकोलॉजिकल जोन पर निर्माण का विवाद, अवैध वेयरहाउस पर उठे सवाल”

इकोलॉजिकल जोन में अवैध वेयरहाउस निर्माण चर्चा में, नियमों की अनदेखी के आरोप न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा जयपुर। राजधानी