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गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने डीग जल महल से किया वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का शुभारंभ

डीग/जयपुर(सुनील शर्मा) राज्य के गृह, गौपालन,पशुपालन,डेयरी तथा मत्स्य विभाग राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने विश्व पर्यावरण दिवस एवं गंगा दशहरा के पावन अवसर पर डीग के विश्व प्रसिद्ध जल महल स्थित गोपाल सागर पर “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” का जिला स्तरीय समारोह का शुभारंभ किया।इस आयोजन का उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण,प्लास्टिक मुक्ति एवं पारंपरिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए प्रेरित करना रहा।

सरोवर पूजन कर प्रकृति के प्रति व्यक्त की कृतज्ञता

कार्यक्रम की शुरुआत कलश यात्रा एवं सरोवर जल पूजन से हुई,जिसमें गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म,प्रभारी सचिव वी सरवन कुमार,जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।गोपाल सागर के तट पर पूरे विधि-विधान के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य सरोवर की पूजा व आरती की गई।गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री आदरणीय भजनलाल शर्मा जी के पहल पर पिछले वर्ष भी सभी जिलों में जल स्रोतों यथा तालाब,सरोवर,कुंडों आदि जगहों की पूजा की गई थी।इसका उद्देश्य है की जो हमारे जल स्रोत हैं उन पर जाकर आम लोग जल की पूजा करे तो इंद्र भगवान खुश होंगे जिससे बरसात अधिक होगी। गत वर्ष भी पूजन के पश्चात औसत से अधिक बरसात हुई थी और राजस्थान के सभी जलाशय लबालब हुए थे।साथ ही राजस्थान का जलस्तर बड़ा,किसानों की उत्पादन में बढ़ोतरी हुई,राजस्थान की आर्थिक स्थिति अच्छी हुई,पेयजल की समस्याओं का समाधान हुआ,उद्योगों के लिए जलापूर्ति सुनिश्चित की गई सहित अनेकों लाभ आम लोगों तक पहुंचे। उन्होंने नागरिकों से अपील कि की वे व्यर्थ पानी न बहाए।उन्होंने कहा कि न केवल मनुष्य बल्कि पशुओं के जीवन के लिए भी जल ही जीवन है।

वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पारंपरिक जल स्रोतों की रक्षा करते हुए भविष्य के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगी

गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि जल पूजन जल की महत्वता को आमजन तक पहुंचाने,जल के प्रति मंगल भाव उत्पन्न करने,जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास और जल सदुपयोग की दिशा में सार्थक कदम उठाने के लिए महत्वपूर्ण है।उन्होंने सभी राज्य व जिले वासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की भी शुभकामनाएं दी।उन्होंने बताया कि ब्रज परिक्रमा मार्ग का प्रमुख तीर्थ स्थल आदिबद्री धाम में प्रभारी सचिव,जिला कलेक्टर डीग एवं साधु-संतों के साथ पौधारोपण कर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। उन्होंने बताया कि गत वर्ष में माननीय मुख्यमंत्री ने 7 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य दिया था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मंशा अनुरूप 7.15 करोड़ पौधे पूरे राजस्थान में लगाए गए जिसकी सराहना राष्ट्र के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा भी की गई थी।उन्होंने बताया कि इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य दिए गए हैं।उन्होंने बताया कि मुझे पूरा विश्वास है कि राजस्थान की जनता सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 11 करोड़ पौधे लगाकर इतिहास रचेगी।पर्यावरण का संतुलन बेहद आवश्यक है।हमारे ऋषि मुनियों,संत महात्माओं ने हमेशा यही संदेश दिया कि हमें प्रकृति के बचाने के कार्य को प्राथमिकता के साथ करना चाहिए। कोरोना काल में सभी ने ऑक्सीजन की महत्व को महसूस किया जब जगह-जगह पर ऑक्सीजन प्लांट खोले गए।ऐसे में वृक्षारोपण का चौमुखी उपयोग है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों को लेकर बेहद संजीदा है।बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान,स्वच्छता अभियान सहित सभी जागरूक अभियानों ने आम लोगों की चेतना बढ़ाने का कार्य किया है।इसी तरह मुझे पूरा यकीन है कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान पारंपरिक जल स्रोतों की रक्षा करते हुए भविष्य के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

भूजल स्तर को बढ़ाते हुए वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाएं

प्रभारी सचिव डीग वी सरवन कुमार ने कहा कि जल केवल संसाधन नहीं, जीवन का मूल है और इसे पूजनीय मानकर संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।उन्होंने अपील की कि हम सब मिलकर जल स्रोतों की रक्षा करें, भूजल स्तर बढ़ाएं और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाएं।जिला कलेक्टर उत्सव कौशल ने बताया कि राज्य सरकार एवं मुख्यमंत्री राजस्थान भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में 5 जून से 20 जून 2025 तक वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान चलाया रहा है जिसमें अलग-अलग दिवसों पर जल संरक्षण के लिए विभिन्न गतिविधियों आयोजित की जाएंगी। 15 दिवस में जल संरक्षण के लिए जन-जन की भूमिका बेहद आवश्यक है।उन्होंने बताया कि आज प्रातः ही गृह राज्य मंत्री और उनके द्वारा श्रमदान एवं वृक्षारोपण किया गया। आगामी दिनों में जल स्रोतों की सफाई, वृक्षारोपण,तुलसी पौधे का वितरण, प्याऊ लगाना सहित विभिन्न गतिविधियां की जाएगी जिसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई है। उन्होंने जिले के स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों,धार्मिक संगठनों, भामाशाहों, गणमान्य नागरिकों से अपील कि है कि वे वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान से जुड़ कर जिले में जल संरक्षण सुनिश्चित करें।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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